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मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक खत्म, सरकार बोली विपक्ष के सभी मुद्दों पर होगी चर्चा

20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सहयोग की अपील की। बैठक में बागी सांसदों को बुलाने पर विपक्ष ने विरोध जताया, जबकि वंदे मातरम् विधेयक भी चर्चा में रहा।

 

संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक रविवार को संपन्न हो गई। बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने मुद्दे रखे। उन्होंने कहा कि सरकार संसद के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

 

किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चले और सभी दल इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि संसद में लगातार व्यवधान पैदा होने से जनता के समय और धन दोनों की बर्बादी होती है तथा इससे किसी भी राजनीतिक दल को लाभ नहीं मिलता।

 

बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने संसद के आगामी सत्र से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। बागी सांसदों को बैठक में आमंत्रित किए जाने के सवाल पर किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी को नियमों के अनुसार ही बुलाया गया है।

 

बैठक के दौरान विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के एक गुट को आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई। विपक्षी नेताओं ने कहा कि जब तक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा उस गुट को आधिकारिक मान्यता नहीं दी जाती, तब तक उन्हें सर्वदलीय बैठक में नहीं बुलाया जाना चाहिए। विरोध स्वरूप विपक्ष ने कुछ समय के लिए वाकआउट भी किया, हालांकि बाद में वे दोबारा बैठक में शामिल हो गए।

 

मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जिसे वंदे मातरम् विधेयक कहा जा रहा है, पेश कर सकते हैं। प्रस्तावित विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करने या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर तीन वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रीय गान जन गण मन के समान कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।

 

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

 

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