Sat. May 30th, 2026

एशियन गेम्स ट्रायल्स में हार के बाद भावुक हुईं विनेश फोगाट, बोलीं- मैं फेल नहीं हुई हूं

53 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से हारने के बाद सिस्टम पर लगाए सवाल, मां बनने के बाद वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए नए नियम बनाने की मांग

 

नई दिल्ली। भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में हार के बाद भी आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में मीनाक्षी गोयत से 4-6 से हारने के बाद विनेश ने स्पष्ट कहा कि वह खुद को असफल नहीं मानतीं और पहले से अधिक मजबूती के साथ वापसी करेंगी।

 

मुकाबले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए विनेश फोगाट ने कहा, “मैं फेल नहीं हुई हूं।” उन्होंने कहा कि यह मुकाबला केवल मैट पर नहीं था, बल्कि उन्हें पूरी व्यवस्था से भी लड़ना पड़ रहा था।

 

सिस्टम पर लगाए गंभीर आरोप

 

विनेश ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे पूरा सिस्टम एक तरफ खड़ा था और वह अपनी टीम के साथ अकेले संघर्ष कर रही थीं। उन्होंने कहा, “पूरा सिस्टम एक ओर था और मैं व मेरी टीम दूसरी ओर बैठे थे। यह एकतरफा लड़ाई थी।”

 

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें हार या जीत से कोई शिकायत नहीं है। उनके अनुसार हार खेल का हिस्सा है और खिलाड़ी हार से ही सीखते हैं, लेकिन जब परिस्थितियां प्रतिकूल हों और फिर भी कोई खिलाड़ी संघर्ष करने का साहस रखे, तो वह खुद को विजेता मानती हैं।

 

हार से नहीं टूटा हौसला

 

विनेश ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि खेल में जीत और हार दोनों ही महत्वपूर्ण होती हैं और हर हार खिलाड़ी को कुछ नया सिखाती है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह आगे भी अपने लक्ष्य के लिए संघर्ष करती रहेंगी।

 

महिला खिलाड़ियों के लिए नए नियमों की मांग

 

विनेश फोगाट ने महिला पहलवानों, विशेष रूप से मां बनने के बाद खेल में वापसी करने वाली खिलाड़ियों के लिए बेहतर नीतियां बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले ने भविष्य की महिला खिलाड़ियों के लिए एक नया रास्ता खोला है।

 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खेल संस्थाओं को ऐसे नियम बनाने होंगे, जिनसे मातृत्व के बाद खेल में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों को उचित अवसर और समर्थन मिल सके। इससे अधिक महिलाओं को अपने खेल करियर को जारी रखने का मौका मिलेगा।

 

विनेश ने कहा कि उनका संघर्ष केवल अपने लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए भी है, ताकि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर माहौल और समान अवसर मिल सकें।

 

About The Author

इन्हें भी पढ़े