CBSE ने बढ़ाई री-इवैल्यूएशन की तारीख, OSM सिस्टम पर विवाद के बीच 1 जून से खुलेगा पोर्टल
पहले यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और भारी संख्या में आने वाले आवेदनों को देखते हुए अब पोर्टल 1 जून से खोला जाएगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और भारी संख्या में आने वाले आवेदनों को देखते हुए अब पोर्टल 1 जून से खोला जाएगा। बोर्ड ने यह फैसला छात्रों और अभिभावकों की लगातार शिकायतों के बाद लिया है।
CBSE ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि पोर्टल को और अधिक सक्षम और सुचारु बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। बोर्ड के मुताबिक, छात्र 1 जून से CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से मार्क्स वेरिफिकेशन, स्कैन कॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
दरअसल, इस साल CBSE ने पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया है। इसी नई व्यवस्था के बाद देशभर से छात्रों और अभिभावकों ने कम अंक मिलने और मूल्यांकन में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं। सोशल मीडिया पर भी OSM सिस्टम को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है और छात्र बोर्ड से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
बोर्ड ने 19 मई से री-इवैल्यूएशन और स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन कुछ ही घंटों में वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक बढ़ गया। शुरुआती तीन घंटों में ही करीब 1.26 लाख आवेदन पहुंच गए, जिसके चलते सर्वर बार-बार डाउन होने लगा। छात्रों को पेमेंट फेल, वेबसाइट क्रैश और स्कैन कॉपी धुंधली मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद बोर्ड को आवेदन प्रक्रिया अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी थी। बाद में आवेदन की अंतिम तारीख 25 मई तक बढ़ाई गई थी।
CBSE के अनुसार, इस साल लगभग 98.60 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए की गई है। वहीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 17.68 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। बोर्ड का दावा है कि अधिकांश छात्रों को उनकी स्कैन कॉपियां भेज दी गई हैं, जबकि बाकी आवेदनों पर काम जारी है।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर बढ़ते विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों को हुई असुविधा की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि अगर किसी अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाए और तकनीकी खामियों को जल्द दूर करे, ताकि किसी भी छात्र के भविष्य पर असर न पड़े। फिलहाल सभी की नजरें 1 जून को शुरू होने वाली नई आवेदन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

