सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश बरकरार
डॉग लवर्स और एनिमल वेलफेयर बोर्ड की याचिकाएं खारिज, स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन जैसे परिसरों से हटेंगे आवारा कुत्ते
Supreme Court of India ने सार्वजनिक संस्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाने संबंधी अपने पुराने आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने डॉग लवर्स और विभिन्न पशु कल्याण संगठनों द्वारा दायर सभी अर्जियों और याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश बरकरार रहेगा।
जस्टिस Vikram Nath, जस्टिस Sandeep Mehta और जस्टिस N. V. Anjaria की बेंच ने साफ कहा कि 7 नवंबर 2025 को दिया गया आदेश ही लागू रहेगा। अदालत ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगह भेजने और उनकी नसबंदी से जुड़े आदेश में किसी भी तरह का बदलाव करने से मना कर दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल पशु संरक्षण का नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अदालत ने माना कि देशभर में डॉग बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कई मामलों में रेबीज के कारण लोगों की मौत भी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा समेत कई जिलों से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। वहीं Tamil Nadu सहित अन्य राज्यों से भी डॉग बाइट के गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। अदालत ने यह भी बताया कि Indira Gandhi International Airport पर जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।
शीर्ष अदालत ने राज्यों को एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने दोहराया कि पिछले साल दिया गया आदेश, जिसके तहत सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजने की व्यवस्था की गई थी, पूरी तरह लागू रहेगा।

