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PM Surya Ghar Yojana: छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार दे रही है ₹78,000 तक की सब्सिडी, जानें अप्लाई करने के 6 आसान स्टेप्स

PM Surya Ghar Yojana: लगातार बढ़ती गर्मी के साथ ही घरों में बिजली की खपत और भारी-भरकम बिजली बिल का बोझ भी बढ़ने लगा है। इस समस्या से आम जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ एक बेहतरीन अवसर बनकर उभरी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है।

लेकिन, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि इस योजना के तहत कितने किलोवाट पर कितनी सब्सिडी मिलती है, शुरुआती खर्च कितना आता है और यह पैसा कितने दिनों में वसूल होता है? आइए इस पूरी योजना का गणित और आवेदन की प्रक्रिया को आसान शब्दों में समझते हैं।

कितने किलोवाट पर मिलती है कितनी सब्सिडी?

यदि आप खुले बाजार में बिना किसी सरकारी योजना के सोलर पैनल लगवाते हैं, तो इसका खर्च ₹60,000 से ₹80,000 प्रति किलोवाट (kW) तक आता है। हालांकि, पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सरकार इस कुल खर्च का 40% से 60% हिस्सा सब्सिडी के रूप में खुद वहन करती है:

  • 1 kW सिस्टम: इस छोटे सिस्टम को लगाने पर सरकार की तरफ से ₹30,000 तक की सब्सिडी दी जाती है।
  • 2 kW सिस्टम: इस क्षमता के सोलर प्लांट पर ग्राहकों को ₹60,000 तक की सब्सिडी मिलती है।
  • 3 kW या उससे अधिक का सिस्टम: इस पर सरकार द्वारा अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी तय की गई है। ध्यान रहे कि यदि आप 3 किलोवाट से बड़ा सिस्टम भी लगवाते हैं, तो भी सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹78,000 पर ही कैप (सीमित) रहेगी।

उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए डबल बोनस:

यूपी जैसे कुछ राज्यों में केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी अपनी ओर से ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। यानी उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोग कुल ₹1,08,000 तक की सीधी बचत कर सकते हैं।

कमाई का गणित: कितने समय में वसूल होगी लागत?

मान लीजिए कि आप अपने घर में 3 kW का सोलर सिस्टम लगवाते हैं, जिसका कुल बाजार खर्च लगभग ₹1,80,000 आता है। केंद्र सरकार की ₹78,000 की सब्सिडी के बाद आपकी जेब से केवल ₹1,08,000 खर्च होंगे।

एक 3 kW का सोलर पैनल हर महीने करीब 250 से 300 यूनिट बिजली पैदा करता है। यदि बिजली की दर ₹8 प्रति यूनिट मानी जाए, तो यह सिस्टम आपकी हर महीने लगभग ₹2,200 और सालभर में करीब ₹26,400 की बचत कराएगा। इस हिसाब से महज 4 साल और 1 महीने में आपके द्वारा लगाई गई पूरी लागत वसूल हो जाएगी। यूपी में अतिरिक्त सब्सिडी के चलते यह निवेश सिर्फ 3 साल में ही रिकवर हो जाएगा। चूंकि इन सोलर पैनल्स की लाइफ 25 साल से अधिक होती है, इसलिए लागत वसूल होने के बाद अगले 20 से अधिक सालों तक आपको बिल्कुल मुफ्त बिजली मिलती रहेगी।

सिर्फ इन 6 स्टेप्स में छत पर लग जाएगा सोलर पैनल

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना, खुद की छत होना और एक वैध बिजली कनेक्शन होना अनिवार्य है। आप राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से इन 6 स्टेप्स में आवेदन कर सकते हैं:

स्टेप 1: रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल www.pmsuryaghar.gov.in पर जाएं। अपना राज्य, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM), कंज्यूमर नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज कर रजिस्टर करें।

स्टेप 2: आवेदन प्रक्रिया: कंज्यूमर नंबर और मोबाइल से लॉगिन करने के बाद ‘Rooftop Solar’ के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरें।

स्टेप 3: फिजिबिलिटी और इंस्टॉलेशन: डिस्कॉम (DISCOM) से तकनीकी मंजूरी (Feasibility Approval) मिलने के बाद, पोर्टल पर लिस्टेड किसी भी रजिस्टर्ड वेंडर से अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगवाएं।

स्टेप 4: नेट मीटर के लिए आवेदन: इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद, प्लांट की पूरी डिटेल पोर्टल पर जमा करें और नेट मीटरिंग के लिए अप्लाई करें।

स्टेप 5: निरीक्षण व सर्टिफिकेट: डिस्कॉम के अधिकारी आपके प्लांट का निरीक्षण करेंगे। नेट मीटर इंस्टॉल होने के बाद पोर्टल पर ‘कमीशनिंग सर्टिफिकेट’ जनरेट होगा।

स्टेप 6: खाते में आएगी सब्सिडी: कमीशनिंग रिपोर्ट मिलने के बाद पोर्टल पर अपने बैंक खाते की जानकारी और कैंसिल्ड चेक अपलोड करें। इसके 30 दिनों के भीतर सब्सिडी की रकम सीधे आपके खाते में आ जाएगी।

पैसे नहीं हैं, तो बिना गारंटी लोन की सुविधा

यदि आपके पास शुरुआत में निवेश करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, तो सरकार ने इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की है। सरकार विभिन्न बैंकों के माध्यम से बिना किसी गारंटी के बेहद कम ब्याज दर (लगभग 7%) पर लोन मुहैया करा रही है। यह ब्याज दर आरबीआई के रेपो रेट से सिर्फ 0.5% ज्यादा तय की गई है, जिससे उपभोक्ताओं पर मासिक किस्त (EMI) का बोझ बहुत कम पड़ता है।

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