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US Return Avalokiteshvara Statue: 40 साल पहले छत्तीसगढ़ से चोरी हुई 19 करोड़ की दुर्लभ प्रतिमा भारत लौटेगी

US Return Avalokiteshvara Statue

US Return Avalokiteshvara Statue मामले में अमेरिका ने छत्तीसगढ़ से चोरी हुई दुर्लभ अवलोकितेश्वर प्रतिमा भारत को लौटाई है। करीब 19 करोड़ रुपये की यह मूर्ति सिरपुर से चोरी हुई थी।

40 साल पहले छत्तीसगढ़ से चोरी हुई दुर्लभ प्रतिमा भारत लौटेगी अमेरिका से भारत वापस लाई जा रही है अवलोकितेश्वर की दुर्लभ प्रतिमा

US Return Avalokiteshvara Statue मामले में भारत को बड़ी सांस्कृतिक सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ से करीब 40 साल पहले चोरी हुई भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा अब अमेरिका से भारत लौटाई जा रही है। यह प्रतिमा अंतरराष्ट्रीय तस्करी के जरिए अमेरिका पहुंच गई थी, जहां वर्षों बाद इसकी पहचान हुई।

यह दुर्लभ प्रतिमा छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित ऐतिहासिक सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर परिसर के पास से मिली थी। लंबे कानूनी संघर्ष और जांच के बाद अब अमेरिका ने इसे भारत को वापस सौंप दिया है।

 

कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

अमेरिका ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन वस्तुएं भारत को लौटाई हैं। इनमें सबसे खास अवलोकितेश्वर की यह दुर्लभ कांस्य प्रतिमा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, US Return Avalokiteshvara Statue की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख डॉलर यानी लगभग 19 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह प्रतिमा अपनी ऐतिहासिक और कलात्मक विशेषताओं के कारण बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जानकारी के अनुसार, यह प्रतिमा वर्ष 1939 में मिले कांस्य प्रतिमाओं के एक बड़े भंडार का हिस्सा थी। बाद में इसे रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया था।

 

1982 में संग्रहालय से चोरी हुई थी प्रतिमा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 1982 के आसपास यह प्रतिमा संग्रहालय से चोरी हो गई थी। इसके बाद तस्करी के जरिए इसे विदेश भेज दिया गया।

US Return Avalokiteshvara Statue मामले में जांच के दौरान पता चला कि यह मूर्ति अमेरिका के एक निजी संग्रह में पहुंच चुकी थी। साल 2014 में न्यूयॉर्क में इसकी पहचान हुई, जिसके बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं।

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2025 में मैनहट्टन जिला अटॉर्नी की ‘एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट’ ने इस प्रतिमा को जब्त कर लिया।

 

भारतीय वाणिज्य दूतावास को सौंपी गई धरोहर

इसके बाद न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में यह प्रतिमा भारत को औपचारिक रूप से सौंप दी गई। इस दौरान भारतीय दूत राजलक्ष्मी कदम भी मौजूद रहीं।

US Return Avalokiteshvara Statue को अब जल्द ही भारत लाया जाएगा और बाद में इसे छत्तीसगढ़ वापस लाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

 

सिरपुर के कारीगर ने तैयार की थी प्रतिमा

जानकारी के मुताबिक, इस प्रतिमा का निर्माण सिरपुर के प्रसिद्ध कारीगर द्रोणादित्य ने किया था। यह प्रतिमा अपनी उत्कृष्ट शिल्पकला और बारीक नक्काशी के लिए जानी जाती है।

प्रतिमा में भगवान अवलोकितेश्वर को अलंकृत सिंहासन पर बैठे हुए दिखाया गया है। इसके ऊपर बने दोहरे कमल की नक्काशी इसकी सुंदरता को और खास बनाती है।

महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष महंत प्रताप पारख ने कहा कि यह प्रतिमा भारतीय कला और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

 

अंतरराष्ट्रीय कला तस्करी नेटवर्क से जुड़ा मामला

अंतरराष्ट्रीय कला तस्कर सुभाष कपूर और उसके नेटवर्क से जुड़ी नैन्सी वीनर का नाम भी सामने आया है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह प्रतिमा संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए विदेश पहुंचाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में भारत की कई चोरी हुई प्राचीन मूर्तियां और धरोहरें विदेशों से वापस लाई गई हैं।

 

भारत की सांस्कृतिक विरासत की बड़ी जीत

विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा की वापसी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विरासत की बड़ी जीत है।

वापसी से छत्तीसगढ़ और देशभर के इतिहास प्रेमियों में खुशी का माहौल है। लोग इसे भारतीय संस्कृति की ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं।

 

सिरपुर की ऐतिहासिक पहचान फिर चर्चा में

इस मामले के बाद सिरपुर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सिरपुर छत्तीसगढ़ का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है, जहां से कई महत्वपूर्ण मूर्तियां और अवशेष मिल चुके हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सिरपुर की धरोहरें भारतीय इतिहास और बौद्ध कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाती हैं।

फिलहाल सांस्कृतिक और पुरातत्व विभाग में उत्साह का माहौल है और लोग इस दुर्लभ प्रतिमा के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

 

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