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Rahul Gandhi on NEET Controversy: नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

Rahul Gandhi on NEET Controversy

Rahul Gandhi on NEET Controversy को लेकर कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की मांग उठाई।

Rahul Gandhi on NEET Controversy: नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमलाबार-बार पेपर लीक होने पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल

देश की राजनीति गर्मा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार पेपर लीक होने के बावजूद शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है।

 

Rahul Gandhi on NEET Controversy को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि साल 2024 में भी नीट परीक्षा में पेपर लीक हुआ था, लेकिन उस समय परीक्षा रद्द नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में सीबीआई जांच और कमेटी गठन की घोषणा जरूर हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

उन्होंने कहा कि अब साल 2026 में एक बार फिर नीट पेपर लीक की घटना सामने आई है, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और जांच एक बार फिर सीबीआई को सौंप दी गई।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हर बार सरकार कमेटी बना देती है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछे तीन सवाल

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तीन सवाल भी पूछे। उन्होंने पूछा कि आखिर बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है और लगातार विफल हो रहे शिक्षा मंत्री को अब तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक, सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।

 

मोदी सरकार की जवाबदेही पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में जवाबदेही तय करने की व्यवस्था कमजोर हो चुकी है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार एक तय पैटर्न के तहत काम कर रही है, जिसमें पहले चुप्पी साधी जाती है, फिर आरोपियों को संरक्षण दिया जाता है और अंत में सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने दावा किया कि यह व्यवस्था देश की शिक्षा प्रणाली के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है और इससे छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है।

 

NTA को लेकर भी लगाए आरोप

राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2024 में एनटीए के तत्कालीन महानिदेशक को हटाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें दूसरे पद पर नियुक्त कर दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिम्मेदारी तय करने के बजाय अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है।

कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय किया है और संसद की समितियों की रिपोर्टों को भी नजरअंदाज किया गया।

 

छात्र संगठनों का भी प्रदर्शन

नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों का विरोध भी तेज हो गया है। शनिवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने एनटीए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को समाप्त करने की मांग उठाई।

बयान के बाद विपक्षी दल भी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। कई विपक्षी नेताओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।

 

छात्रों में बढ़ रही चिंता

नीट परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा मजबूत नहीं की गई तो छात्रों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

 

शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि छात्र संगठन निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल नीट पेपर लीक मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर संसद और सड़क दोनों जगह सियासत और तेज होने की संभावना है।

 

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