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Unique Marriage in Bihar: 65 साल के बुजुर्ग ने 62 वर्षीय महिला से रचाई शादी, गांव में चर्चा का विषय बना विवाह

Unique Marriage in Bihar

Unique Marriage in Bihar के तहत बिहार के जमुई में 65 वर्षीय चपट मांझी और 62 वर्षीय आशा देवी ने शादी रचाई। बुजुर्ग जोड़े की यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

एक अनोखा मामला बिहार के जमुई जिले से सामने आया है। यहां 65 वर्षीय चपट मांझी और 62 वर्षीय आशा देवी ने शादी रचाकर पूरे इलाके में चर्चा बटोर ली है। दोनों ने शनिवार को महादेव सिमरिया मंदिर में विवाह किया, जिसकी चर्चा अब गांव से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है।

यह मामला जमुई जिले के खैरा प्रखंड के डुमरकोला गांव का बताया जा रहा है। गांव के लोगों के मुताबिक, दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और पिछले करीब एक साल से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे।

 

क्या है पूरी कहानी

जानकारी के अनुसार, चपट मांझी और आशा देवी का घर गांव में आमने-सामने है। दोनों के बीच लंबे समय से परिचय था और समय के साथ यह रिश्ता गहरा होता चला गया।

गांव की महिलाओं और लोगों के बीच दोनों को लेकर चर्चाएं होने लगी थीं। रोज-रोज के तानों और बातों से परेशान होकर इस बुजुर्ग जोड़े ने आखिरकार शादी करने का फैसला लिया।

यह शादी महादेव सिमरिया मंदिर में सादगी के साथ संपन्न हुई। शादी के बाद गांव में यह विवाह चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।

 

चपट मांझी की यह चौथी शादी

दूल्हा चपट मांझी ने बताया कि उनकी पहली पत्नी की मौत करीब 15 साल पहले हो गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पहली तीनों पत्नियों का निधन हो चुका है और यह उनकी चौथी शादी है।

चपट मांझी के अनुसार, उनका एक बेटा और बहू हैं जो बाहर रहकर काम करते हैं। अकेले रहने के कारण उन्हें खाने-पीने और बीमारी के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि ऐसे समय में पड़ोस में रहने वाली आशा देवी ही उनकी देखभाल करती थीं। इसी दौरान दोनों के बीच लगाव बढ़ा और उन्होंने साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया।

 

आशा देवी ने भी बताई अपनी परेशानी

मामले में दुल्हन बनीं आशा देवी ने भी अपनी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पति की मौत दो साल पहले हो गई थी।

पति के निधन के बाद उनकी बेटी ही एकमात्र सहारा थी, लेकिन वह उनकी ठीक से देखभाल नहीं करती थी। ऐसे में वह अक्सर चपट मांझी की बीमारी और घरेलू कामों में मदद करने लगीं।

आशा देवी ने कहा कि गांव के लोग उनके रिश्ते को लेकर बातें बनाने लगे थे। इसी कारण दोनों ने समाज के सामने अपने रिश्ते को स्वीकार करते हुए शादी करने का फैसला लिया।

 

गांव में शादी को लेकर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस बुजुर्ग जोड़े की शादी के बाद गांव में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इस रिश्ते को उम्र के आखिरी पड़ाव में एक-दूसरे का सहारा बनने का फैसला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक परंपराओं से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि यह कहानी लोगों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

बेटे और बहू ने जताई नाराजगी

चपट मांझी के बेटे अजय मांझी और बहू ने इस शादी पर नाराजगी जताई है। बेटे का कहना है कि इस उम्र में पिता का शादी करना समाज के लिए सही संदेश नहीं देता।

उन्होंने कहा कि परिवार अब दोनों को अपने साथ नहीं रखेगा। बेटे और बहू की नाराजगी के बावजूद बुजुर्ग जोड़े ने साथ रहने का फैसला कायम रखा है।

 

सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही खबर

खबर सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस शादी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कुछ लोग इसे सच्चे साथ और सहारे का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे समाज की बदलती सोच से जोड़कर देख रहे हैं।

 

उम्र नहीं बनी रिश्ते की दीवार

यह शादी एक बार फिर यह दिखाती है कि रिश्तों में उम्र हमेशा मायने नहीं रखती। अकेलेपन और जीवन की मुश्किल परिस्थितियों में दोनों ने एक-दूसरे का सहारा बनने का फैसला लिया।

यह अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।

 

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