Wed. May 13th, 2026

महिला बंदियों को बड़ा तोहफा: वीडियो कॉल से कर सकेंगी परिवार से बात

महिला बंदियों को बड़ा तोहफा

मदर्स डे के मौके पर रायपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने महिला बंदियों के लिए एक नई और महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। अब जेल में बंद महिलाएं अपने परिजनों और वकीलों से वीडियो कॉल के जरिए सीधे बातचीत कर सकेंगी। “प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग” नाम की इस सुविधा को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर सेंट्रल जेल में लागू किया गया है।

जेल प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य महिला बंदियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें परिवार से जुड़े रहने का अवसर देना है। लंबे समय तक परिवार से दूर रहने के कारण कई महिला कैदी मानसिक तनाव महसूस करती हैं। ऐसे में वीडियो कॉलिंग सुविधा उनके लिए भावनात्मक सहारा साबित होगी।

प्रदेश की अन्य जेलों में भी लागू होगी सुविधा

यह पहल राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर में सफल संचालन के बाद इसे जल्द ही बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर की सेंट्रल जेलों में भी लागू किया जाएगा।

इसके अलावा जिला स्तर की जेलों में महिला बंदियों को ऑडियो कॉलिंग सुविधा देने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। जेल विभाग का मानना है कि तकनीक के उपयोग से जेल प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सकता है।

बीएसएनएल और जेल विभाग के बीच हुआ समझौता

वीडियो कॉलिंग सुविधा जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए समझौते के तहत शुरू की गई है। इसके लिए जेल परिसर में अलग से एक विशेष कक्ष तैयार किया गया है, जहां तकनीकी उपकरणों की मदद से वीडियो कॉलिंग कराई जाएगी।

महिला बंदियों को पहले जेल प्रशासन के पास आवेदन देना होगा। इसके बाद अधिकारियों द्वारा समय तय किया जाएगा और निर्धारित समय पर वीडियो कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी बातचीत जेल प्रशासन की निगरानी में होगी।

परिजनों को नहीं लगाने पड़ेंगे बार-बार जेल के चक्कर

रायपुर सेंट्रल जेल में वर्तमान में करीब 192 महिला बंदी हैं। इनसे मिलने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिजन और वकील जेल पहुंचते हैं। जानकारी के अनुसार हर दिन लगभग 25 से 30 परिवार के सदस्य और 50 से अधिक वकील महिला बंदियों से मिलने आते हैं।

मुलाकात के लिए तय समय केवल 20 मिनट का होता है, लेकिन भीड़ अधिक होने की वजह से कई बार लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कुछ मामलों में मुलाकात भी नहीं हो पाती। नई वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू होने के बाद अब परिवार के लोग घर बैठे महिला बंदियों से बात कर सकेंगे। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

मदर्स डे पर बच्चों को भी मिला उपहार

मदर्स डे के अवसर पर जेल प्रशासन ने महिला बंदियों के साथ रह रहे 14 बच्चों को उपहार भी वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे जेल का माहौल कुछ समय के लिए उत्साहपूर्ण नजर आया।

इसके अलावा “निश्चय कार्यक्रम” के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी 38 महिला बंदियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इन महिला कैदियों को सिलाई, कढ़ाई और अन्य रोजगारपरक कौशल सिखाए गए हैं, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

सुधारात्मक सोच के साथ बढ़ रहा जेल प्रशासन

जेल अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए बंदियों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वीडियो कॉलिंग सुविधा से न केवल महिला बंदियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनके परिवारों के साथ संबंध भी मजबूत बने रहेंगे।

इस कार्यक्रम में जेल डीजी हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में जेलों में और भी सुधारात्मक योजनाएं लागू की जाएंगी।

 

 

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