NEET 2026 Paper Leak: नीट परीक्षा पर फिर पेपर लीक का साया? केरल से सीकर तक जुड़े तार, 600 नंबर के सवाल मैच होने का दावा
NEET 2026 Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET UG 2026) एक बार फिर विवादों के भंवर में फंसती नजर आ रही है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में कुछ ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच में सामने आया है कि इस संदिग्ध खेल का केंद्र केरल और राजस्थान का सीकर जिला है। बताया जा रहा है कि केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे राजस्थान (चूरू) के एक छात्र ने 1 मई को अपने सीकर स्थित दोस्त को व्हाट्सएप पर एक ‘क्वेश्चन बैंक’ भेजा था। यह दोस्त सीकर में एक पीजी (PG) संचालक है।
क्वेश्चन बैंक बनाम असली पेपर: चौंकाने वाला मिलान
SOG के सूत्रों के मुताबिक, उस क्वेश्चन बैंक में करीब 300 सवाल थे। जब इसका मिलान 3 मई को हुए असली नीट पेपर से किया गया, तो अधिकारी भी दंग रह गए:
- 300 में से लगभग 150 सवाल हूबहू वही थे जो परीक्षा में आए।
- नीट में प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का होता है, यानी 600 अंकों का पेपर परीक्षा से पहले ही बाहर होने की आशंका है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ‘गेस पेपर’ में इतनी सटीकता (Accuracy) होना लगभग नामुमकिन है।
SOG की जांच और ‘देहरादून लिंक’
SOG एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि परीक्षा से पहले 150 पन्नों की एक पीडीएफ फाइल वायरल हुई थी, जिसमें 400 सवाल थे। शुरुआती पड़ताल में इनमें से 120 सवाल असली पेपर से मेल खाते मिले हैं। फिलहाल जांच की दिशा इस प्रकार है:
- देहरादून लिंक: इस मामले में देहरादून के एक संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है।
- मास्टरमाइंड की तलाश: संदिग्धों के कॉल लॉग्स और सोशल मीडिया चैट की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
- शिकायतकर्ता पर शक: सीकर के जिस पीजी संचालक ने पेपर लीक की शिकायत दी थी, SOG जांच कर रही है कि कहीं उसने पकड़े जाने के डर से खुद को बचाने के लिए तो नाटक नहीं किया।
पेपर लीक या भ्रांति?
एडीजी विशाल बंसल ने फिलहाल इसे आधिकारिक रूप से ‘पेपर लीक’ कहने से परहेज किया है। उनका तर्क है कि यदि यह लीक होता, तो इसे सार्वजनिक रूप से सर्कुलेट नहीं किया जाता। हालांकि, साक्ष्य किसी बड़े गिरोह की ओर इशारा कर रहे हैं। परीक्षा के भविष्य पर अंतिम निर्णय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ही लेगी।

