Wed. May 13th, 2026

रायपुर में लिफ्ट सुरक्षा पर नई गाइडलाइन लागू, नियम हुए सख्त

रायपुर में लिफ्ट सुरक्षा पर नई गाइडलाइन लागू

रायपुर में लिफ्ट से जुड़ी बढ़ती सुरक्षा समस्याओं और लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों को देखते हुए मुख्य विद्युत निरीक्षक (विद्युत सुरक्षा) विभाग ने नई विस्तृत गाइडलाइन लागू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य शहर के सभी सरकारी, निजी और व्यावसायिक भवनों में लिफ्ट संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।

लापरवाही पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम

हाल के समय में लिफ्ट में फंसने और तकनीकी खराबियों की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी भवन प्रबंधनों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तकनीकी टीम की जिम्मेदारी तय

नई व्यवस्था के तहत हर संस्थान को अपनी एक प्रशिक्षित तकनीकी टीम रखनी होगी। यह टीम लिफ्ट की नियमित देखरेख, मरम्मत और आपात स्थिति में त्वरित समाधान की जिम्मेदारी निभाएगी, जिससे किसी भी हादसे को रोका जा सके।

ARD सिस्टम की नियमित जांच जरूरी

लिफ्ट में लगे Automatic Rescue Device (ARD) की जांच अब हर सप्ताह अनिवार्य कर दी गई है। यह सिस्टम बिजली कटने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी कार्यक्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पावर फेल होने पर ऑटोमैटिक सेफ्टी फीचर

गाइडलाइन के अनुसार, यदि बिजली बाधित होती है तो लिफ्ट को स्वतः ही निकटतम फ्लोर तक जाकर दरवाजे खोलने होंगे। यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।

अंदर की सुविधाएं दुरुस्त रखना अनिवार्य

लिफ्ट के भीतर लाइट और वेंटिलेशन सिस्टम (पंखे) हमेशा चालू स्थिति में होने चाहिए। किसी भी प्रकार की खराबी पाए जाने पर उसे तुरंत ठीक करना भवन प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।

वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जरूरी

बिजली गुल होने की स्थिति में लिफ्ट संचालन बाधित न हो, इसके लिए सभी इमारतों में बैकअप पावर सिस्टम रखना अनिवार्य किया गया है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में भी लिफ्ट सुरक्षित रूप से काम करती रहेगी।

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