parliament Session Today : संसद में महिलाओं को आरक्षण और परिसीमन पर वोटिंग, बिल वापस लेने की मांग कर रहा विपक्ष
parliament Session Today : संसद में आज महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर वोटिंग होगी। इन बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी है। कुल तीन बिलों को पास कराने के लिए सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है।
parliament Session Today : महिला आरक्षण और परिसीमन समेत तीन बिलों पर आज संसद में वोटिंग होगी। इन तीन बिलों को पास कराने के लिए सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। विपक्ष के नेता इस बिल के समय को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं, सरकार का आरोप है कि विपक्षी दल महिला आरक्षण के खिलाफ हैं। सरकार ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। इस विषय में लोकसभा में गुरुवार को भी जमकर बहस हुई थी और अब इस मामले में वोटिंग होनी है। इस बीच सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सरकार से यह बिल वापस लेने और सभी पार्टियों की बैठक बुलाकर आम सहमति बनाने की बात की है।
सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ गुरुवार को संसद के निचले सदने में पेश किए थे। इन विधेयकों पर देर रात एक बजकर 20 मिनट तक चर्चा हुई और शुक्रवार सुबह इन पर चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और अन्य पिछड़े वर्गों से उनकी हिस्सेदारी छीनने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से मुक्त करके 2029 से ही लोकसभा की वर्तमान संख्या 543 के आधार पर लागू किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील करते हुए कहा कि जो भी इसका विरोध करेंगे, उन्हें इसकी कीमत लंबे समय तक चुकानी पड़ेगी। मोदी ने इन तीनों विधेयकों पर अपने विचार रखते हुए यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए और इसका श्रेय वह विपक्षी दलों को भी देने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने परिसीमन से जुड़ी कुछ सदस्यों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि जैसे पहले परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और सीटों की संख्या में वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी। इस बीच, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार से लागू भी हो गया। केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से लागू किया गया।
बीजेपी नेता खुशबू ने पीएम मोदी को धन्यवाद कहा
महिला रिजर्वेशन बिल पर, तमिलनाडु बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने कहा, “हमारे पीएम मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद कि उन्होंने हमें यह आजादी दी, हमें यह मजबूती दी। 33% रिजर्वेशन बिल हमारे देश की हर महिला का बहुत पुराना सपना रहा है। और यह मुमकिन नहीं होता अगर महिलाओं को मजबूत बनाने का उनका कमिटमेंट न होता। जब वह महिला मजबूती की बात करते हैं, तो उनका सच में मानना है कि हमारे देश में हर महिला को मजबूत होना चाहिए।”
आधी रात में बिल नोटिफाई करने का क्या मतलब?
डीएमके सांसद कनिमोझी ने रात 10 बजे महिला आरक्षण बिल को नोटिफाई करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल पर चर्चा के लिए स्पेशल सत्र बुलाया। सदन में सभी सांसद इस पर चर्चा कर रहे थे और सरकार ने इस बिल को नोटिफाई कर दिया। इससे समझ आता है कि सत्ता में मौजूद लोगों के अंदर सदन के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
विपक्ष के सभी सांसद मौजूद रहें
सूत्रों के अनुसार काकोली घोष, मणिकम टैगोर, केसी वेणुगोपाल और पी चिदंबरम समेत कई कांग्रेस नेताओं को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे आज संसद में INDIA ब्लॉक की सभी पार्टियों के सभी सांसदों की मौजूदगी पक्की करें।

