Wed. Apr 15th, 2026

महिलाओं को हर महीने 2000, तमिलनाडु में BJP का मेनिफेस्टो जारी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर आज बीजेपी ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री जेपी नड्डा ने बीजेपी का घोषणा पत्र जारी किया। इसमें बढ़ती महंगाई की भरपाई के लिए हर घर को एक बार में 10,000 रुपये देने का वादा किया।

बीजेपी ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए अपना चुनाव संकल्प पत्र जारी किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, बीजेपी नेता के. अन्नामलाई और तमिलइसई सौंदरराजन मौजूद थे। इस मौके पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणापत्र तमिल नव वर्ष के अवसर पर जारी करने का फैसला लेकर एक अच्छा कदम उठाया है।

BJP के मेनिफेस्टों में क्या-क्या ऐलान?

  1. संकल्प पत्र में वेलफेयर स्कीम का ऐलान करते हुए बीजेपी ने घर की महिला मुखियाओं को हर महीने 2,000 रुपये, सालाना तीन मुफ़्त LPG सिलेंडर।
  2. टैक्स में बढ़ोतरी तथा बढ़ती महंगाई की भरपाई के लिए हर घर को एक बार में 10,000 रुपये देने का वादा किया।
  3. घोषणापत्र में योग्य महिलाओं को ई-स्कूटर खरीदने के लिए 25,000 रुपये की सब्सिडी।
  4. जल्लीकट्टू बैलों को पालने वालों को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता और अगर किसी प्रतिभागी की मौत हो जाती है, तो 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
  5. पार्टी ने पहली बार घर खरीदने वाली महिलाओं के लिए 3% स्टाम्प ड्यूटी में छूट।
  6. 10,000 रुपये की एकमुश्त घरेलू सहायता योजना और घरेलू सामान के लिए 8,000 रुपये के कूपन सहित लगातार सहायता उपायों की भी घोषणा की।
  7. पार्टी ने बड़े मंदिरों में स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित दो घंटे के दैनिक दर्शन स्लॉट का भी प्रस्ताव रखा, और कार्तिगई दीपम अनुष्ठानों को जारी रखने की बात कही, जिसमें तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी की चोटी पर दीप जलाना भी शामिल है।

जेपी नड्डा ने DMK सरकार को बताया “भ्रष्टाचार का रक्षक”

शासन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर, जेपी नड्डा ने DMK सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि तमिलनाडु में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में 51% की वृद्धि हुई है, खराब लॉ एंड आर्डर के साथ-साथ उन्होंने DMK पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कथित घोटालों- जिनमें ‘कैश फॉर जॉब’ और टेंडर से जुड़ी अनियमितताएं शामिल हैं- में DMK के कई नेताओं के नाम लिए और सत्ताधारी पार्टी को “भ्रष्टाचार का रक्षक” बताया।

 

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