Tue. Apr 14th, 2026

संसद परिसर में पीएम मोदी और खरगे के बीच बातचीत, महिला बिल पर हुई चर्चा

आंबेडकर जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बीच मुलाकात हुई है, जिसमें महिलाओं के लिए लाए जा रहे बिल पर चर्चा हुई है. इस दौरान पीएम मोदी ने विधेयक के समर्थन की अपील की.

 

डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती के मौके पर भारत की संसद में कुछ ऐसा देखने मिला, जो अक्सर कम देखने मिलता है. मंगलवार सुबह अंबेडकर जयंती पर संसद भवन प्रेरणा स्थल पर प्रधानमंत्री, बीजेपी और विपक्षी दलों के नेता पहुंचे थे. इस दौरान नरेंद्र मोदी की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई. एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक दोनों के छोटी लेकिन एक अच्छा बातचीत हुई. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने खरगे से कहा कि महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए संसद में आ रहे संशोधन विधेयक का समर्थन कीजिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की ओर से लाया जा रहा बिल महिलाओं के हित में हैं और इसका समर्थन करना हम सबकी जिम्मेदारी है. पीएम को जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चर्चा करके बाद में बताएंगे. बता दें, 16,17,18 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाया गया है, इस सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए संशोधन बिल लाए जाएंगे.

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने खरगे को लिखा पत्र

केंद्र सरकार 2029 लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने के लिए तैयार है. देरी से बचने और आवश्यक संशोधनों पर सहमति बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से समर्थन मांगा है. यह कानून महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसद आरक्षण देगा. सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है ताकि इस ऐतिहासिक बिल को जल्द से जल्द प्रभावी किया जा सके.

आंबेडकर जयंती

आज पूरे देश में डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार, सामाजिक सुधारक और दलितों के मसीहा के रूप में जाने जाने वाले बाबासाहेब अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था. एक ऐसे युग में जब जाति-आधारित भेदभाव समाज की जड़ों में बसा हुआ था, बाबासाहेब ने शिक्षा को हथियार बनाकर न सिर्फ खुद को ऊंचा उठाया, बल्कि लाखों-करोड़ों वंचितों को भी मुख्यधारा में लाने का मार्ग तैयार किया. उन्होंने असमानता, छुआछूत और शोषण के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और एक समतामूलक, न्यायपूर्ण भारत का सपना देखा.

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