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AIR INDIA की फ्लाइट में बम की धमकी, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया विमान

Air India

AIR INDIA मुंबई से तिरुवनंतपुरम जा रही फ्लाइट में बम होने की सूचना मिलने के बाद प्लेन को आइसोलेशन बे में ले जाकर सुरक्षा जांच की गई। 

मुंबई से तिरुवनंतपुरम जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट में बम की धमकी के बाद उसे आइसोलेशन बे में ले जाकर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। प्लेन में बम होने की धमकी सुबह 7.30 बजे दी गई थी। इसके छह मिनट बाद पूरे एयरपोर्ट में आपातकाल का ऐलान कर दिया गया। प्लेन को सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया और आइसोलेशन बे में ले जाया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया और प्लेन की जांच की गई, जिसमें कुछ नहीं मिला। इस दौरान किसी को भी कोई चोट नहीं आई या किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। एयरपोर्ट पर सभी सेवाएं पहले की तरह सामान्य रूप से चल रही हैं।

 

एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि ये एक हॉक्स कॉल है, लेकिन सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल फॉलो किए जा रहे हैं। एयरक्राफ्ट को आइसोलेशन बे में ले जाकर सुरक्षा जांच की गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। विमान के तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के पास पहुंचने पर पायलट ने बम की धमकी मिलने की जानकारी दी। विमान में 135 यात्री सवार थे। अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि धमकी किसने और कैसे दी

मंगलवार को दिल्ली के कई अस्पतालों को मिली थी बम की धमकी

मंगलवार (20 अगस्त) को दिल्ली में एम्स और सफदरजंग समेत कई अस्पतालों और एक मॉल को बम की धमकी वाले ईमेल मिले थे। पुलिस के अनुसार ईमेल में एम्स, सफदरजंग, अपोलो, मूलचंद, मैक्स और सर गंगा राम अस्पताल समेत करीब 50 सरकारी और निजी अस्पतालों की सूची थी। दोपहर 12 बजकर चार मिनट पर भेजे गए ईमेल में लिखा गया है, ‘‘हमने आपकी इमारत के भीतर कई विस्फोटक लगाए हैं। इन्हें काले रंग के बैग में रखा गया है। बम में कुछ ही घंटों में विस्फोट होने वाला है। तुम खून से लथपथ हो जाओगे, तुम लोगों में से कोई भी जिंदा रहने के लायक नहीं है। इमारत में मौजूद हर व्यक्ति अपनी जान गंवाएगा। आज धरती पर तुम्हारा आखिरी दिन होगा।’’ ईमेल में दावा किया गया है कि ‘‘इस नरसंहार के पीछे ‘कोर्ट’ नामक एक समूह है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘हम आतंक फैलाने से नहीं रुकेगे। समूह का नाम समाचार संगठनों को दो।’’ एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन धमकी भरे ईमेल का तरीका अस्पतालों, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों अैर अन्य सरकारी इमारतों को भेजे पहले के ईमेल की तरह है जिसमें संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने ईमेल में तारीख का जिक्र नहीं किया था।

 

 

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