World Sickle Cell Day 2024: जानें क्यों मनाया जाता है विश्व सिकल सेल दिवस और इसका क्या है महत्व
World Sickle Cell Day 2024: सिकल सेल जागरूकता दिवस का आयोजन पहली बार 19 जून 2009 को किया गया था। सिकल सेल रोग संगठनों के वैश्विक गठबंधन की स्थापना 10 जनवरी, 2020 को नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में की गई थी।
World Sickle Cell Day 2024 रायपुर। सिकल सेल एक आनुवांशिक बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में आती है। इसमें लाल रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और कोशिकाओं का आकार गोल नहीं हो पाता। जिसके कारण यह कोशिका आधे चाँद या दरांती के आकार की दिखती है। इसलिए इसे सिकल सेल कहते हैं। जिसके कारण बच्चे का विकास प्रभावित होता है। सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चे का विकास ठीक से नहीं हो पाता।
इसके अलावा, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अन्य बच्चों की तुलना में कमज़ोर होती है। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकती है। इस सबके बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है। भारत में यह बीमारी खास तौर पर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिमी ओडिशा और उत्तरी तमिलनाडु में फैली हुई है।
विश्व सिकल सेल दिवस का इतिहास
इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में 22 दिसंबर 2008 को 19 जून को विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था। जिसके बाद से हर साल यह दिन वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। सिकल सेल जागरूकता दिवस का आयोजन पहली बार 19 जून 2009 को किया गया था। सिकल सेल रोग संगठनों के वैश्विक गठबंधन की स्थापना 10 जनवरी, 2020 को नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में की गई थी।
इसलिए जरूरी जल्द निदान
यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, अगर समय रहते इसकी पहचान न की जाए और फिर इसका सही तरीके से इलाज न किया जाए। ऐसे में सिकल सेल रोग के लक्षणों के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि बिना किसी देरी के इसकी पहचान की जा सके। ऐसे में आज हम आपको इस लेख में सिकल सेल रोग के कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आपको भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शरीर के तेज दर्द
सिकल सेल एनीमिया होने पर रेड ब्लड सेल्स सिकल के आकार के हो जाते हैं, जिसकी वजह से रक्त प्रवाह यानी ब्लड फ्लो बाधित होता है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर दर्द की वजह बनता है।
कमजोर इम्युनिटी
खराब इम्युनिटी भी सिकल सेल डिजीज का लक्षण हो सकती है। बिगड़ा हुआ ब्लड फ्लो इम्युनिटी कमजोर करता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ाता है, जिससे सिकल सेल डिजीज (एससीडी) वाले व्यक्तियों के लिए जानलेवा संक्रमणों से बचने के लिए दवाओं के सहारे रहना पड़ता है।
हाथ-पांव में सूजन और दर्द
हाथ-पांव में सूजन और दर्द भी इस बीमारी का प्रमुख लक्षण हो सकता है। सिकल सेल डिजीज होने पर हाथों और पैरों में ब्लड सर्कुलेशन संबंधी समस्याएं होने लगती है, जिसकी वजह से सूजन और दर्द होता है। इसके लिए तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है।
थकावट महसूस होना
सिकल सेल डिजीज होने पर शरीर में आरबीसी की कमी होने लगती है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, जिसकी वजह शरीर में थकान और कमजोरी होने लगती है।
रेड ब्लड सेल्स का कम जीवनकाल
सिकल सेल डिजीज में, रेड ब्लड सेल्स का जीवनकाल सामान्य 120 दिनों की तुलना में कम होता है, जिससे एनीमिया और आरबीसी की कमी हो जाती है।

