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CG Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में फायरिंग, ओडिशा के जवान को गले में लगी गोली

CG Naxal Attack: छत्तीसगढ़-ओड़िसा बॉर्डर में नक्सली-पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई है। नक्सली हमले में एक जवान को गले में गोली लगी है।

CG Naxal Attack: छत्तीसगढ़-ओड़िसा बॉर्डर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। हमले में एक जवान को गले में गोली लगी है। बताया जा रहा है कि CRPF (Central Reserve Police Force) जवानों की टीम स्पेशल ऑपरेशन में निकले हुए थे। देर रात जवान जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन के लिए निकले थे। इस दौरान जवानों को जंगल में देख नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों के हमले का मुहतोड़ जवाब देते हुए जवानों ने भी जमकर फायरिंग की। इसी बीच क्रॉस फायरिंग के दौरान एक जवान घायल हो गए। जवान के गले में गोली लग गई।

जवान के गले में लगी गोली
हमला गरियाबंद जिले के कांवर भौदी जंगल में हुआ। मुखबिरी द्वारा जवानों यह सूचना मिली थी कि नक्सली छत्तीसगढ़-ओड़िसा बॉर्डर के जंगल में छिपे हुए है। सूचना मिलते ही ओड़िसा के नुआपाड़ा जिले के सीआरपीएफ जवान की टीम स्पेशल ऑपरेशन पर निकल पड़ी। जवान कोमना थाना क्षेत्र के सुनाबेड़ा अभ्यारण में शिवनारायणपुर में जवानों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हुई। फायरिंग में एक जवान बुरी तरह घायल हो गए।

जवान के गले में अब तक अटकी है गोली
फायरिंग में घायल हुए जवान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जवान को गरियाबंद जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया है है। जहां उनका उपचार अब भी जारी है। डॉक्टर के अनुसार गोलीबारी में जवान इतनी बुरी तरह घायल हुए है कि अब तक गोली गले में अटकी हुई है। स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए जवान को प्राथमिक इलाज के बाद रायपुर रेफेर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक़, जवान की हालत गंभीर है।

131 दिनों में 103 नक्सली ढ़ेर, इनामी आतंकियों का हुआ एनकाउंटर
बस्तर में नक्सलियों का खात्मा करने जवान तेजी से ऑपरेशन चला रहे है। एक और बस्तर के चप्पे-चप्पे में अभियान चलाकर नक्सलियों को आम जिंदगी जीने का मौका दे रहे है। जवानों के अभियान से प्रभावित होकर बहुत से नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं दूसरी और जंगलों में जवान छिपे हुए खूंखार नक्सलियों पर भी कड़ी कार्रवाई कर रहे है। इस कार्रवाई में जवानों ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। चार दशक में पहली बार जवान 131 दिनों में 103 नक्सलियों को ढेर किया है।

जवानों की बड़ी सफलता
समूचे बस्तर में फोर्स के जवानों का मनोबल भी इस वक्त काफी ऊंचा है। कांकेर जिले के माड़ इलाके में बीते महीने 16 तारीख को हुई मुठभेड़ में जवानों ने 29 नक्सलियों को जब मार गिराया तो इसे फोर्स की सबसे बड़ी सफलता बताया गया। नारायणपुर जिले में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में भी जवानों ने बेहद सुनियोजित तरीके से 10 नक्सलियों को मारा।

नहीं बक्शे जाएंगे आतंकी
बीते चार महीने में फोर्स ने अलग-अलग मुठभेड़ में 91 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। जो यह बताता है कि फोर्स अब बस्तर में गियर बदल चुकी है। पिछले चार दशक में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। बीते अप्रैल के महीने में ही 50 नक्सली मारे गए हैं।

बस्तर में सर्जिकल स्ट्राइक
बीते चार महीने में फोर्स ने अलग-अलग मुठभेड़ में 91 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। जो यह बताता है कि फोर्स अब बस्तर में गियर बदल चुकी है। पिछले चार दशक में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। बीते अप्रैल के महीने में ही 50 नक्सली मारे गए हैं।

घने जंगलों में जवान चला रहे सर्चिंग ऑपरेशन
नक्सलियों का खात्मा करने जवानों ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक तरफ जो नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते है उनके लिए पुलिस अधिकारी बस्तर के इलाकों में जा-जाकर अभियान चला रहे है। पुलिस द्वारा अभियान चलाने से नक्सली प्रेरित होकर आत्मसमर्पण कर रहे है। वहीं कुछ आतंकी जंगलों में छिपकर उत्पात मचा रहे है। इन आतंकियों के लिए जवान घने जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चला रहे है। बता दें कि 100 दिनों में जवानों ने मुठभेड़ में 105 आतंकियों को मार गिराया है।

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