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खारुन नदी में जमा हो रहा है नालों का गंदा पानी जो पूरे रायपुर में होता है सप्लाई

Raipur News :

Raipur News : कई बार नगर निगम सब कुछ जानते हुए भी लापरवाही बरतता है। इसकी बानगी खारुन नदी में देखने को मिल रही है, जहां एक नहीं बल्कि तीन तरफ से नालों से आने वाला गंदा पानी सीधे नदी में जा रहा है।

Raipur News रायपुर। नगर निगम कई बार सब कुछ जानते हुए भी लापरवाही बरतता है। इसका बानगी खारुन नदी में देखी जा सकती है जहां एक नही तीन ओर से नालों से आ रहा गंदा पानी सीधे नदी में जा रहा है। जबकि इसी नगर निगम ने चंदनीडीह (कुम्हारी) के पास ततसंबंध में नालों के पानी को साफ करने हेतु केंद्रीय मदद से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना रखा है।

महादेव घाट पुल के पास रायपुरा के कुम्हारपारा, सतनामी पारा के साथ अग्रोहा कॉलोनी की ओर से आने वाले नाले के पानी को एकत्रित कर एसटीपी में भेजने के लिए खारुन के ठीक बाजू में एक अतिरिक्त चेंबर बनाया गया है। लेकिन इस चेंबर को जोड़ने वाली पाइप आये दिन टूटती रहती है। नतीजन गंदे पानी का खारुन नदी में जमा रुक नही रहा है। 4-5 दिन पूर्व फिर पाइप टूटा। पर इसकी भनक निगम के जोन 08 आयुक्त के आलावा एसटीपी का काम देखने वाले इंजीनियरों को भी नही लग पाई। इंजीनियर का कहना है कि चेंबर के आसपास या नाले के पानी से आ रही गंदगी की नियमित सफाई का जिम्मा जोन के सफाई अमले को है। पानी से पाइप नही टूटता। इसे तोड़ा गया है। इस काम को एसटीपी की एजेंसी के माध्यम से ठीक करा दिया जाएगा।

बहरहाल गंदा पानी नदी में जाने के साथ नाले से आने वाले कचरे का ढेर नदी किनारे जमा हो गया है। पाइप लाइन में गंदगी की वजह से अक्सर पानी जाम हो जाता है। जिसकी सफाई रायपुरा के आगे चेंबर को खोलकर किया जाता है,जो जोन 0 8 अंतर्गत है। जोन 08 आयुक्त कहते हैं कि उन्हें पता नहीं है। पाइप लाइन जाम के चलते हुआ होगा।

उधर अमलेश्वर की ओर भी गंदा पानी खारुन महादेव घाट में अरसे से आ रहा है पर रोकथाम वास्ते आज तक प्रयास नही किया गया। यह दुर्ग जिले का परिक्षेत्र अमलेश्वर है। इसी तरह इधर भाठागांव में एसटीपी बनाया गया है। परंतु वहां पर पीहर नाले का गंदा पानी खारुन में लगातार जा रहा है। यहां बता देना लाजिमी होगा कि चंदनीडीह में स्थापित सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट वास्ते गंदे नाले के पानी को पहुंचाने के लिए 7 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन जमीन के अंदर डाली गई थी। जिसमें से होकर भाठागांव, रायपुरा व टाटीबंध की ओर से आने वाले नाले का पानी आता है। परंतु इधर हो रही जाने-अनजाने की लापरवाही कार्यप्रणाली को बयां करती है।

(लेखक डा. विजय)

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