केरल से आगे निकला UP, जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ रचा इतिहास

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश अब देश का ऐसा राज्य बन गया है. यहां 5 अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं, जो केरल के 4 हवाई अड्डों से ज्यादा हैं. जेवर एयरपोर्ट के पूरा होने से यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे राज्य में आर्थिक विकास भी होगा.
केरल भारत का अकेला ऐसा राज्य है जहां चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं. इस खासियत की वजह से केरल में अंतरराष्ट्रीय राज्यों के आने वाले यात्रियों की डिमांड ज्यादा है. इसका अहम कारण है इस राज्य का पर्यटन और खाड़ी देशों में केरल के लोगों की आबादी का बढ़ना भी. लेकिन अब जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश ने केरल को इस रेस में पीछे कर दिया है. अब उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हो गए हैं.
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा है. वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है. कुशीनगर में कुशीनगर इंटरनेशनल एयपोर्ट है. अयोध्या में महार्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. इसके बाद आज जेवर इंटरनेशलन एयरपोर्ट के पहले स्टेज के उद्घाटन के बाद यहां 5 इंटरनेशल एयरपोर्ट हो गए हैं.
जेवर एयरपोर्ट की खासियत?
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि जेवर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा. यहां आज पीएम मोदी ने पहले स्टेज का उद्घाटन किया. इसकी लागत 11,282 करोड़ रुपये है. इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए 29,560 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत लग सकती है. इस प्रोजेक्ट का मकसद जेवर को उत्तरी भारत के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनाना है.
केरल में कौन-कौन से 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं?
केरल का सबसे पुराना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है. ये 1932 में बना था. कोच्चि में स्थित कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा केरल का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है. इसकी खास बात ये है कि ये दुनिया का पहला पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलने वाला हवाई अड्डा है. इसकी शुरुआत 1999 में हुई थी. कोझिकोड स्थित कालीकट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मालाबार क्षेत्र के लिए काफी अहम है. यहां खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की संख्या काफी ज्यादा है. कन्नूर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है.ये 2018 में बनाया गया था. ये केरल का सबसे नया एविएशन हब है.
केरल का एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसी आबादी की सेवा के लिए बनाया गया है जो दुनिया भर में घूमती रहती है और एक तेजी से बढ़ती टूरिज्म अर्थव्यवस्था का हिस्सा है. मध्य पूर्व में लाखों मलयाली प्रवासियों और विदेशी पर्यटकों के लगातार आने-जाने के कारण राज्य को कई अंतरराष्ट्रीय गेटवे की जरूरत है. चार हवाई अड्डों की मौजूदगी से हर जिले के रहने वाले लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान हो जाती है. इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में चढ़ने से पहले लंबी घरेलू यात्रा करने की जरूरत खत्म हो जाती है.

