ट्रेन में मोबाइल पर गाना बजाने पर लगेगा जुर्माना? जानें रेलवे के नियम
ट्रेन में सफर करते समय मोबाइल पर तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो और रील चलाना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। अगर आप भी ट्रेन में मोबाइल का स्पीकर तेज करके गाने सुनते हैं, तो आपको अपनी इस आदत पर ध्यान देने की जरूरत है। रेलवे यात्रा के दौरान शांति बनाए रखने और सहयात्रियों की सुविधा का ख्याल रखने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, ट्रेन में मोबाइल पर गाना बजाने के मामले में ₹1,000 जुर्माना लगने या जेल होने का दावा करने से पहले संबंधित नियमों की पुष्टि जरूरी है। हर मामले में एक जैसी कानूनी कार्रवाई हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
ट्रेन में तेज आवाज से दूसरे यात्रियों को होती है परेशानी
लंबी दूरी की ट्रेन में सफर के दौरान कई यात्री आराम करते हैं, सोते हैं या अपने जरूरी काम निपटाते हैं। ऐसे में आसपास कोई यात्री मोबाइल के स्पीकर पर तेज आवाज में गाने बजाए या लगातार वीडियो देखे, तो दूसरों को परेशानी हो सकती है।
खासकर रात के समय तेज आवाज में मोबाइल चलाने से यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति बन सकती है। इसलिए सफर के दौरान ईयरफोन का इस्तेमाल करना और आवाज धीमी रखना बेहतर विकल्प है।
क्या ट्रेन में गाना बजाने पर ₹1,000 का जुर्माना लगेगा?
ट्रेन में तेज आवाज में गाना बजाने पर सीधे ₹1,000 का जुर्माना तय होने का दावा तभी किया जाना चाहिए, जब उसके समर्थन में संबंधित रेलवे नियम या आधिकारिक आदेश उपलब्ध हो।
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145 उपद्रव और अनुचित व्यवहार से संबंधित है। किसी मामले में कार्रवाई होगी या नहीं, यह घटना की परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है। केवल मोबाइल पर गाना चलाने से हर स्थिति में स्वतः जेल या ₹1,000 का जुर्माना लगने की बात कहना सही नहीं होगा।
ट्रेन में मोबाइल चलाते समय इन नियमों का रखें ध्यान
यात्रा के दौरान कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखकर आप दूसरों की परेशानी और अनावश्यक विवाद से बच सकते हैं।
- गाने, वीडियो और रील सुनने के लिए ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करें।
- मोबाइल का स्पीकर तेज आवाज में न चलाएं।
- रात में दूसरे यात्रियों के आराम का ध्यान रखें।
- फोन पर बात करते समय आवाज धीमी रखें।
- किसी यात्री से विवाद होने पर रेलवे स्टाफ से मदद लें।
यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी है जिम्मेदारी
ट्रेन में यात्रा करते समय सभी यात्रियों को एक-दूसरे की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। मोबाइल का इस्तेमाल निजी जरूरत है, लेकिन उसकी आवाज से दूसरे यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। थोड़ी सावधानी और जिम्मेदारी से सफर को आरामदायक बनाया जा सकता है।

