Sat. Jan 10th, 2026

मोदी सरकार ला रही नई स्कीम, राहवीरों को मिलेंगे 25 हजार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए वाहन-से-वाहन (V2V) संचार तकनीक लाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि यह तकनीक वाहनों को आपस में बात करने में मदद करेगी. नितिन गडकरी ने राहवीर स्कीम के बारे में बताया, जिसके तहत राहवीर को 25 हजार दिया जाएगा.

 

सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह भी घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट योजना शुरू करेंगे. गडकरी ने नई दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों और परिवहन विकास परिषद की 43वीं बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कम से कम सात दिनों के लिए एक लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. साथ ही किसी भी सड़क पर दुर्घटना होने पर, पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले नेक इंसान को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

ऐसे नेक इंसानों को इस योजना के तहत ‘राहवीर’ कहा जाएगा. इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट हाल ही में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है.

वी2वी स्कीम लाएगी सरकार

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार वाहन-से-वाहन (वी2वी) संचार प्रौद्योगिकी लाने पर काम कर रही है. वी2वी संचार प्रौद्योगिकी की मदद से वाहन एक-दूसरे से सीधे संवाद कर सकेंगे. इससे चालक को आसपास मौजूद दूसरे वाहनों की स्पीड, स्थिति, तेजी, ब्रेक लगाने की जानकारी और अचानक नजर न आने वाली जगह में मौजूद वाहनों के बारे में वास्तविक समय पर अलर्ट मिलेगा.

इससे ड्राइवर समय रहते जरूरी कदम उठा सकेगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी. नितिन गडकरी ने कहा कि इस उद्देश्य से दूरसंचार विभाग के साथ एक संयुक्त कार्यबल का गठन किया गया है. दूरसंचार विभाग ने वी2वी संचार के लिए 30 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (5.875-5.905 गीगाहर्ट्ज) के उपयोग को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है.

‘दंड को बढ़ाकर हादसे में मौत को रोकना’

नितिन गडकरी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, कानूनों को सख्ती से लागू करने और यातायात नियमों के तोड़ने पर दंड बढ़ाकर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने की कोशिश कर रही है.

नितिन गडकरी ने कहा कि देश में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है. इनमें से करीब 66 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की होती हैं. इसके साथ ही गडकरी ने बताया कि सरकार आगामी बजट सत्र में मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन लाने की तैयारी कर रही है.

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित 61 संशोधनों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार, कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना, नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाना, गतिशीलता में सुधार करना, परिभाषाओं एवं भाषा को सरल बनाना और वैश्विक मानकों के अनुरूप कानूनों को सामंजस्यपूर्ण बनाना है.

और किन चीजों पर हुई चर्चा?

इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों और आम जनता की सुविधा, कारोबारी सुगमता और वाहनों से संबंधित नियमों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा बसों, स्लीपर कोचों और यात्री वाहनों के लिए बेहतर सुरक्षा मानकों, बस बॉडी कोड, बीएनसीएपी सुरक्षा रेटिंग और चरणबद्ध तरीके से ‘उन्नत ड्राइवर सहयोग प्रणाली’ (एडीएएस) लागू करने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया.

बैठक में यातायात उल्लंघनों की निगरानी के लिए डिमेरिट एंड मेरिट पॉइंट सिस्टम शुरू करने और एक निश्चित वाहन भार तक के सभी मालवाहक वाहनों के लिए डिजिटल एवं स्वचालित परमिट जारी करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई.

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