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Suvendu Adhikari PA Murder Case का ‘इनसाइड ट्रैक’: फर्जी नंबर प्लेट, रेकी और दिल में दागी गईं गोलियां; पढ़ें अब तक के 5 बड़े खुलासे

Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद मची राजनीतिक हलचल के बीच बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में हुई इस वारदात ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस की अब तक की जांच में कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो इसे एक सोची-समझी साजिश (Pre-planned conspiracy) की ओर इशारा करते हैं।

1. फर्जी नंबर प्लेट वाली कार बरामद

पश्चिम बंगाल पुलिस को शुरुआती जांच में बड़ी कामयाबी मिली है। हत्या में इस्तेमाल की गई एक संदिग्ध कार को जब्त कर लिया गया है। डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता के अनुसार, इस कार पर सिलीगुड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर था, लेकिन जांच करने पर वह पूरी तरह फर्जी पाया गया। हमलावरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की थी।

2. सटीक निशाना: दिल में लगी गोलियां

अस्पताल से मिली मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग की थी। चंद्रनाथ रथ को दो गोलियां सीधे उनके सीने (दिल के पास) में लगीं, जबकि एक गोली उनके पेट में लगी। डॉक्टरों का कहना है कि गोलीबारी इतनी सटीक और घातक थी कि उन्हें अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

3. ‘रेकी’ और प्री-प्लानिंग के पुख्ता सबूत

जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर पिछले 2-3 दिनों से चंद्रनाथ की रेकी (पीछा) कर रहे थे। उन्हें उनकी लोकेशन और मूवमेंट की सटीक जानकारी थी। सुवेंदु अधिकारी ने भी दावा किया है कि यह एक ‘टारगेटेड किलिंग’ है और इसके पीछे गहरी साजिश है।

4. वारदात का खौफनाक मंजर: कैसे दिया अंजाम?

चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, घटनाक्रम कुछ इस प्रकार था:

  • हमलावर कार और बाइक दोनों से आए थे।
  • पहले एक चार पहिया वाहन ने चंद्रनाथ की कार को ओवरटेक कर रास्ता रोका।
  • जैसे ही कार की रफ्तार धीमी हुई, बाइक सवार हमलावरों ने विंडशील्ड पर फायरिंग शुरू कर दी।
  • हमलावरों ने सीधे आगे की सीट पर बैठे चंद्रनाथ को निशाना बनाया, जबकि उनके साथ मौजूद पीएस और ड्राइवर घायल हो गए।

5. CCTV और फॉरेंसिक जांच पर फोकस

पुलिस अब दोहरिया-जेसोर रोड और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। घटनास्थल से जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटना का ‘री-कंस्ट्रक्शन’ किया है ताकि हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस को शक है कि हमलावर पेशेवर थे और वारदात के बाद योजनाबद्ध तरीके से फरार हुए।

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