वायुशक्ति-26 में तेजस के शामिल होने पर सस्पेंस, क्यों है IAF ड्रिल से बाहर रहने की संभावना?
वायुशक्ति-26 में इस बार स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL तेजस Mk-1 के शामिल नहीं होने की संभावना है. यह अभ्यास 27 फरवरी को जैसलमेर के पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में आयोजित किया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस कार्यक्रम में शामिल होंगी.
भारतीय वायुसेना के फायरपावर प्रदर्शन एक्सरसाइज वायुशक्ति-26 में इस बार स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL तेजस Mk-1 के शामिल नहीं होने की संभावना है. यह अभ्यास 27 फरवरी को जैसलमेर के पोखरण एयर-टू-ग्राउंड रेंज में आयोजित किया जाएगा.
7 फरवरी को तेजस विमान एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया था, जिससे विमान को कुछ नुकसान पहुंचा. विमान निर्माता कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने इसे जमीन पर हुआ एक मामूली तकनीकी हादसा बताया था और साफ किया था कि यह कोई क्रैश नहीं था.
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद वायुसेना तेजस बेड़े की अतिरिक्त सुरक्षा जांच कर रही है. इसी कारण तेजस हाल ही में थार रेगिस्तान में हुई फुल-ड्रेस रिहर्सल में भी नजर नहीं आया और मुख्य कार्यक्रम में भी इसकी भागीदारी पर संशय है. जबकि हाल ही में इस कार्यक्रम से जुड़ी हुई प्रेस वार्ता में तेजस के ड्रिल में शामिल होने की जानकारी दी गई थी.
किन विमानों का होगा प्रदर्शन?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस अभ्यास में राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, हॉक, C-130J, C-295 और C-17 जैसे फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमान अब हिस्सा लेंगे. इसके अलावा चेतक, ALH Mk-IV, Mi-17 IV, LCH, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर भी प्रदर्शन करेंगे.
आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान शॉर्ट-रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन, आकाश और स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का भी प्रदर्शन किया जाएगा. मिशन दिन, शाम और रात ..तीनों समय में किए जाएंगे, ताकि अलग-अलग ऑपरेशनल परिस्थितियों का प्रदर्शन हो सके.
राष्ट्रपति रहेंगी मौजूद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस कार्यक्रम में शामिल होंगी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह आयोजन वायुसेना की तेज, सटीक और निर्णायक एयर पावर क्षमता को दिखाएगा. साथ ही ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को भी रेखांकित करेगा और यह संदेश देगा कि भारतीय वायुसेना देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है.

