मुश्किल वक्त में बिहार के साथ सोनू सूद, बाढ़ के बीच लोगों की मदद को उतरे
बेगूसराय: फिल्म अभिनेता सोनू सूद एक बार फिर बिहार में हैं। इस बार, वे बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचने और उन्हें राहत सामग्री बांटने के लिए बेगूसराय पहुंचे। सोनू सूद ने गंगा किनारे टूटी-फूटी सड़कों पर पैदल यात्रा की और फिर नाव से कई किलोमीटर का सफर तय किया। इसके बाद, उन्होंने मटिहानी ब्लॉक के सिहमा पाथला टोल और रामदिरी गांव का दौरा किया, जहां वे बाढ़ से प्रभावित सैकड़ों परिवारों से मिले और उन्हें राहत पैकेट बांटे।
सोनू सूद बेगूसराय में बाढ़ पीड़ितों के बीच
राहत सामग्री बांटने के बाद, फिल्म अभिनेता सोनू सूद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आप सब देख सकते हैं कि बिहार में किस तरह की त्रासदी हो रही है, जहां पूरे के पूरे गांव पानी में डूब गए हैं। मेरा मानना है कि आगे बढ़कर इन प्रभावित परिवारों का साथ देना और उनकी तकलीफ कम करने में मदद करना हमारा फर्ज है। हम नाव के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जो राहत सामग्री हम लाए हैं, उसे सीधे इन परिवारों तक पहुंचा सकें।”
सफर मुश्किल, लेकिन साथ आगे बढ़ेंगे: सोनू सूद
सोनू सूद ने आगे कहा, “यह सफर मुश्किल है, लेकिन मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे। मैं देश और दुनिया भर के लोगों से अपील करता हूं कि वे बिहार का साथ दें, क्योंकि बिहार के लोग अलग-अलग राज्यों और दुनिया भर में जाकर बहुत शानदार काम करते हैं। अब जब उन्हें मदद की जरूरत है, तो आगे आना हमारा फर्ज है। आप देख सकते हैं कि हालात कितने बुरे हैं। हर तरफ पानी ही पानी है। काफी समय बीत चुका है, फिर भी वे बाढ़ की वजह से परेशान हैं। हम कोशिश करेंगे कि उन्हें जल्द से जल्द इस मुश्किल से राहत दिला सकें।”
बिहार मेरा परिवार, जब जरूरत होगी, खड़ा मिलूंगा: सोनू सूद
बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा, “जब भी बिहार पर कोई मुसीबत आएगी, मैं हमेशा राज्य के साथ खड़ा रहूंगा। बिहार मेरा अपना परिवार है। मैंने हमेशा माना है कि बिहार के लोग मेरे अपने ही हैं। हम हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। मैं बस भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि बिहार को कभी किसी मुश्किल का सामना न करना पड़े, ताकि हमें कभी मदद के लिए आगे न आना पड़े।” बिहार में हर वर्ष बाढ़ आने के स्थाई समाधान के लिए उन्होंने कहा कि ‘मुझे लगता है कि सरकार कुछ न कुछ प्रबंध कर रही होगी, लेकिन जल्दी करना चाहिए क्योंकि बिहार के जो गरीब परिवार हैं, एक बार उनका घर टूटता है तो वापस बनाना बड़ा मुश्किल होता है। तो कुछ न कुछ ऐसे बांध बनाने चाहिएं, कुछ ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए जिससे लोगों को हर साल ये तकलीफें न सहनी पड़ें।
बिहार मेरे खून में बसा हुआ: सोनू सूद
भावुक होते हुए सोनू सूद ने कहा, “बिहार हमारे खून में बसा है। और जब भी बिहार पर कोई मुश्किल आती है, सोनू सूद हमेशा उसके साथ खड़ा रहता है। देखिए, कोई न कोई रास्ता हमेशा निकल ही आता है। चाहे आशुतोष हों, शिवा हों, पंकज हों या मेरे कोई और दोस्त—चाहे बात शिक्षा की हो, बाढ़ की हो, लोगों तक मदद पहुंचाने की हो या दवाइयां उपलब्ध कराने की—ये सभी भाई हमेशा आगे आते हैं। मुझे लगता है कि हम सब तो बस एक जरिया बनते हैं। असल में तो भगवान ही सब कुछ करते हैं और हम सभी भाइयों को एक साथ लाते हैं।”(एजेंसी)

