सोनम वांगचुक ने वंदे भारत एक्सप्रेस की तारीफ में पढ़े कसीदे, यात्रा अनुभव किया साझा
Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार 26 दिनों तक उपवास रखने के बाद लद्दाख लौट आए हैं। दिल्ली से श्रीनगर लौटते समय उन्होंने वंदे भारत ट्रेन का आनंद लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने रेलवे और चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल की प्रशंसा की है। इस वीडियो को देखकर लगता है कि सरकार के प्रति उनका रुख थोड़ा बदल रहा है। सोनम वांगचुक वीडियो में कहते हैं, ‘मैं रेल से सफर करना पसंद करता हूं। लेकिन वंदे भारत से सफर करना एक अलग ही आनंद देता है’।
दरअसल, पर्यावरण और शिक्षा सुधारों के लिए जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक वीडियो में भारतीय रेलवे और उसकी इंजीनियरिंग की खुलकर प्रशंसा की। वे पहली बार वंदे भारत ट्रेन में सफर कर रहे थे। वांगचुक ने कहा कि ट्रेन हमेशा से उनका पसंदीदा सफर रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे भारतीय रेलवे पर गर्व है। मैं खास तौर पर चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे मेहराब पुल, चिनाब रेलवे ब्रिज को देखना चाहता था। वंदे भारत ट्रेन से इस पर से गुजरना बेहद खूबसूरत और अद्भुत अनुभव रहा।”उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स देश की तकनीकी प्रगति और कनेक्टिविटी को दर्शाते हैं।
इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ
रेलवे की प्रशंसा करने के साथ-साथ, सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की अपील की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद सरकार के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए, उन्होंने सरकार से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के अपने लिखित वादे का पालन करने की अपील की, ताकि देश के युवाओं में विश्वास का माहौल बना रहे।
चिनाब नदी पर बना ब्रिज भव्य
बता दें, इस मार्ग का मुख्य आकर्षण रियासी जिले में चिनाब नदी पर बना विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे अर्च ब्रिज है। इसकी ऊंचाई नदी तल से 359 मीटर है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर अधिक है। यह पुल 266 किमी/घंटा तक की हवाओं और रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता के भूकंप को झेलने में सक्षम है। वंदे भारत एक्सप्रेस (नई दिल्ली-श्रीनगर) भारतीय रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक रेल परियोजनाओं में से एक है। सड़क मार्ग (जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग) से यात्रा में पहले 7 से 10 घंटे लगते थे, लेकिन अब यह ट्रेन जम्मू से श्रीनगर की दूरी मात्र 3.5 घंटे में और दिल्ली से श्रीनगर की दूरी 13 घंटे से भी कम समय में तय कर लेती है।(एजेंसी)

