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Smriti Mandhana vs Harmanpreet Kaur: ड्रेसिंग रूम में खटास की खबरें! हरमनप्रीत-स्मृति के बीच ‘नजरें न मिलाने’ के दावों से मचा हड़कंप

Smriti Mandhana vs Harmanpreet Kaur: भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक और कप्तानी बदलावों के बाद अब टीम के अंदरूनी माहौल को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। हाल ही में हरमनप्रीत कौर ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया। हालांकि, इस कप्तानी परिवर्तन के पीछे दोनों खिलाड़ियों के बीच कथित तौर पर तकरार होने की खबरें तूल पकड़ रही हैं।

‘एक-दूसरे से नजरें नहीं मिला रही थीं दोनों खिलाड़ी’

पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ समय से स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच रिश्ते सामान्य नहीं चल रहे थे और दोनों ने मैदान या ड्रेसिंग रूम में एक-दूसरे से नजरें तक नहीं मिलाईं, जिसके चलते भारतीय टीम का माहौल काफी असहज हो गया था। एक सूत्र ने दावा किया है कि दोनों सीनियर खिलाड़ियों के बीच कप्तानी को लेकर बनी यह खींचतान ड्रेसिंग रूम तक साफ महसूस की जा रही थी।

 

बीसीसीआई की समीक्षा बैठक और मिताली राज का बयान

सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद ही कप्तानी में बदलाव का यह बड़ा कदम उठाया गया है। 37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर ने 2016 से टीम की कमान संभाली थी और उनके नेतृत्व में टीम ने हाल ही में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक भी जीता था। हालांकि, टी20 फॉर्मेट में टीम के लगातार संघर्ष और खराब फॉर्म के कारण नए नेतृत्व की मांग उठने लगी थी।

इससे पहले, पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने भी खुलकर कहा था कि चयनकर्ताओं को काफी पहले ही वनडे की कप्तानी स्मृति मंधाना को और टी20 की कप्तानी युवा शेफाली वर्मा को सौंप देनी चाहिए थी। हालांकि, स्मृति और हरमनप्रीत के बीच पहले अच्छे रिश्ते माने जाते थे, लेकिन समय के साथ कप्तानी के समीकरणों ने दूरियां बढ़ा दीं।

अब आगे क्या उम्मीदें हैं?

कप्तानी के बोझ से मुक्त होने के बाद अब फैंस को उम्मीद है कि हरमनप्रीत कौर एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में अपनी पुरानी लय हासिल करेंगी और टीम को मजबूती देंगी। वहीं, नई कप्तान स्मृति मंधाना के सामने तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम को नंबर-1 बनाने और देश को आईसीसी खिताब जिताने की बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह होगा कि दोनों सीनियर खिलाड़ी इन गिले-शिकवों को भुलाकर भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एकजुट होकर काम करती हैं या नहीं।

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