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Smartphone Price Hike India: महंगे हुए स्मार्टफोन तो क्या हुआ? भारतीय यूजर्स बजट बढ़ाकर और EMI पर खरीद रहे मनपसंद फोन

Smartphone Price Hike India: हाल के दिनों में महंगे स्पेयर पार्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से रैम-रोम की किल्लत के चलते स्मार्टफोन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। आम तौर पर लोगों का मानना होगा कि दाम बढ़ने से फोन की बिक्री प्रभावित हुई होगी, लेकिन भारतीय बाजार के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय यूजर्स नया स्मार्टफोन खरीदने के लिए या तो अपना बजट बढ़ा रहे हैं या फिर EMI जैसे आसान विकल्पों का सहारा ले रहे हैं।

काउंटरपॉइंट सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े

काउंटरपॉइंट रिसर्च द्वारा 2,000 से अधिक ग्राहकों पर किए गए इस सर्वे में कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं:

46% युवा ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार: सर्वे के मुताबिक, कीमतें बढ़ने के बावजूद 46% युवा (विशेषकर 25 से 30 वर्ष की आयु के लोग) अपनी पसंद का स्मार्टफोन खरीदने के लिए बढ़ी हुई कीमत चुकाने को तैयार हैं। इसके लिए वे अपना बजट बढ़ाने, EMI विकल्प चुनने या जरूरत पड़ने पर ऑपरेटिंग सिस्टम बदलने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

29% लोग चुन रहे रिफर्बिश्ड फोन: जहां एक तरफ युवा ज्यादा खर्च कर रहे हैं, वहीं 50 वर्ष से अधिक उम्र के 29% यूजर्स अपने तय बजट से बाहर नहीं जाना चाहते। ऐसे यूजर्स या तो कम फीचर्स वाले फोन चुन रहे हैं या फिर बजट में रहकर रिफर्बिश्ड (Refurbished) फोन का रुख कर रहे हैं।

25% पुराना फोन करा रहे रिपेयर: लगभग 25% लोग ऐसे भी हैं जो बढ़ी कीमतों की वजह से फिलहाल नया फोन खरीदने से बच रहे हैं और अपने पुराने फोन को ही रिपेयर करवाकर इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं।

डिस्काउंट, एक्सचेंज और रिटेलर्स की बढ़ी भूमिका

बढ़ती कीमतों के असर को कम करने के लिए भारतीय यूजर्स अब फेस्टिव सीजन या अन्य मौकों पर मिलने वाले डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर्स और आसान फाइनेंस विकल्पों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के साथ स्थानीय दुकानदारों (रिटेलर्स) की भूमिका काफी अहम हो गई है, क्योंकि वे ग्राहकों के खरीदने के फैसले को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, लोग अब फोन को ज्यादा लंबे समय तक चलाने पर जोर दे रहे हैं, जिससे कंपनियों के लिए आफ्टर-सेल्स सर्विस (बिक्री के बाद की सेवा) और फ्लेक्सिबल पेमेंट विकल्प बेहद जरूरी हो गए हैं।

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