Shardiya Navratri Day 2: शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन, आज करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, भोग और रंग
Shardiya Navratri Day 2: आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है और इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली, यानी तप का आचरण करने वाली देवी। मां के एक हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमंडल है, जो त्याग, वैराग्य और संयम का प्रतीक है।
पूजा के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:41 बजे से 05:30 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:06 बजे से 06:20 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:03 बजे से 02:50 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:55 बजे से 06:20 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 12:33 बजे तक
मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय भोग, रंग और फूल
- प्रिय भोग: फल, पंचामृत, सफेद मिठाई, मिश्री और खीर।
- प्रिय रंग: सफेद (यह शांति और पवित्रता का प्रतीक है)।
- प्रिय फूल: सफेद फूल।
मां ब्रह्मचारिणी के प्रमुख मंत्र
- या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
- ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:॥
- दधाना काभ्याम् क्षमा कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
पूजा का फल और लाभ
मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करने से जीवन में आत्मबल, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। इनकी कृपा से मन में फोकस और आत्मविश्वास मजबूत होता है, जिससे कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

