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‘मरीज बनकर सेवा ले रहे थे, कातिल निकला मददगार’: भोपाल में पूर्व IAS राकेश अग्रवाल का मर्डर, मेल नर्स नौकर की तलाश तेज

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। शहर के शांत आवासीय इलाके रातीबड़ में पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके ही घर में धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी गई। कत्ल की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में रखे कीमती सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। पुलिस की प्राथमिक तफ्तीश में घर की देखभाल और चिकित्सकीय मदद के लिए महज दो दिन पहले रखे गए एक मेल नर्स नौकर पर हत्या की पूरी सुई टिकी है।

बीमारी के कारण ग्राउंड फ्लोर पर थे पूर्व IAS, पहली मंजिल पर सो रही थीं पत्नी

यह खौफनाक वारदात रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरजनगर स्थित उनके निजी बंगले में घटित हुई। 65 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी राकेश अग्रवाल अपनी धर्मपत्नी के साथ इस मकान में रहते थे। बताया जा रहा है कि राकेश अग्रवाल पिछले कुछ दिनों से मौसमी वायरल बुखार से पीड़ित थे और कमजोरी के कारण वे घर के निचले तल पर बने बेडरूम में आराम कर रहे थे। उनकी पत्नी रात में ऊपर की मंजिल पर सोने चली गई थीं। अधिकारी की बीमारी और नियमित देखभाल के उद्देश्य से परिवार ने दो दिन पूर्व ही वरुण कुमार नाम के एक कथित मेल नर्स को घरेलू सहायक के रूप में काम पर रखा था।

धारदार हथियार से रेता गला, शरीर से सोने के गहने उतारकर भागा

पुलिस के अनुसार, आधी रात के बाद जब घर के सभी सदस्य गहरी नींद में थे, आरोपी वरुण कुमार नीचे कमरे में सो रहे राकेश अग्रवाल के पास पहुंचा। उसने सोती हुई अवस्था में ही धारदार हथियार से उनके गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। पूर्व आईएएस अधिकारी को संभलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला। हत्या के बाद शातिर आरोपी ने मृतक के गले, हाथों और शरीर पर पहने हुए तमाम सोने के जेवरात जबरन उतारे और घर में रखी अन्य कीमती चीजों को समेट लिया।

सबूत मिटाने की खतरनाक चाल: सिलेंडर खोला और प्रेस चालू छोड़ा

वारदात को अंजाम देकर भागते समय आरोपी ने अपराध के सबूत मिटाने और मकान को आग के हवाले करने की बेहद खतरनाक साजिश भी रची। उसने किचन में जाकर एलपीजी गैस सिलेंडर की नॉब को पूरी तरह खोल दिया ताकि पूरे घर में ज्वलनशील गैस भर जाए। इसके साथ ही उसने बिजली से चलने वाली कपड़े की प्रेस को भी चालू छोड़ दिया, ताकि अत्यधिक गर्म होकर चिंगारी निकले और पूरे घर में भीषण विस्फोट के साथ आग लग जाए।

गैस की बदबू से जागीं पत्नी, कमरे में मिला खून से लथपथ शव

आरोपी की यह खौफनाक साजिश तब नाकाम हो गई जब पहली मंजिल पर सो रही पत्नी को अचानक एलपीजी गैस की तीखी दुर्गंध महसूस हुई। गैस रिसाव के अंदेशे से वे घबराकर तुरंत सीढ़ियों से नीचे उतरीं। जैसे ही वे पति के कमरे की तरफ बढ़ीं, वहां बिस्तर पर राकेश अग्रवाल का खून से सना शव देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर से नया नौकर वरुण कुमार नदारद था और चारों तरफ खून फैला हुआ था। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्र हुए और तुरंत रातीबड़ पुलिस को सूचना दी गई।

डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा, आरोपी पर दबिश

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के विशेषज्ञ और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भिजवा दिया है। रातीबड़ पुलिस ने फरार नौकर वरुण कुमार के खिलाफ हत्या और डकैती की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस एजेंसी और बिचौलियों की जांच कर रही है जिनके माध्यम से आरोपी को काम पर रखा गया था। शहर से बाहर जाने वाले सभी नाकों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर अलर्ट भेजकर संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें रवाना कर दी गई हैं।

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