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सब्जी की आवक कम होने से बढ़े सब्जियों के दाम, प्याज हुई सस्ती

Raipur News:

Raipur News: गर्मी बढ़ने से प्याज सूखने लगे हैं। लिहाजा, मजबूत (ठोस) क्वालिटी का प्याज कम आ रहा है, जो आवक बढ़ी है वह हल्के क्वालिटी वाले प्याज की है। महाराष्ट्र से आ रहा है प्याज ।

Raipur News रायपुर। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में थोक सब्जी बाजारों में प्याज की आवक बढ़ने से भाव में कुछ कमी आई है। परंतु दूसरी और सब्जियों की आवक घटने से दामों में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

दरअसल, गर्मी बढ़ने से प्याज सूखने लगे हैं। लिहाजा, मजबूत (ठोस) क्वालिटी का प्याज कम आ रहा है, जो आवक बढ़ी है वह हल्के क्वालिटी वाले प्याज की है। प्याज महाराष्ट्र से आ रहा है। इधर छत्तीसगढ़ से भी। पर दोनों में मजबूती नही है। लिहाजा दर गिर गया है। पहले 35 -40 रुपए किलो था। वह अब 25 से 30 रुपए तक उतर गया है।

परंतु उधर सब्जियों की बाहर एवं स्थानीय आवक घटी है। थोक बाजारों में गाड़ियां (वाहन) कम आ रही हैं। 60 फीसदी माल बाहर से जबकि 40% सब्जी स्थानीय स्तर पर आ रही है। आवक कम होने से सब्जियों के भाव 2 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। थोक बाजारों में इस समय क्रमशः गाजर 12 से 16 रुपए, चुकंदर 18 से 20 रुपए, हरी मिर्च 35 से 40 रुपए,प्याज 17 से 20 रुपए, धनिया 20- 25 रुपए, पत्ता गोभी 25-30 रुपए, भिंडी 12 से 15 रुपए,बरबट्टी 20-25 रुपए, लाल बरबट्टी 20 से 25 रुपए, करेला 25-30 रुपए, तुरई 25- 27 रुपए , अदरक100-170 रुपए, लहसुन 140-150 रुपए, मुनगा 30-35 रुपए,टमाटर 18 से 20 रुपए, आलू 22 से 24 रुपए, परवल 20 से 22, रुपए, ढेंस 50-60 रुपए, कुंदरु 20- 25 रुपए, खीरा 12-15 रुपए, शिमला मिर्च 25-30 रुपए, लौकी 8-12 रुपए, भाटा 10-15 रुपए, आम (कच्चा) 18-20 रुपए, कोचाई 30-35 रुपए किलो बिक रहा है।

खुदरा (चिल्हार ) बाजार में गाजर 25-30 रुपए, चुकंदर 25-30 रुपए, हरी मिर्च 45-40 रुपए, धनिया 35-40 रुपए, पत्ता गोभी 40-45 रुपए, भिंडी 20-25 रुपए, बरबट्टी 35-40 रुपए, लाल बरबट्टी 35-40 रुपए, करेला 35-40 रुपए, तुरई 30- 35 रुपए, अदरक 125-130 रुपए, लहसुन 180-200 रुपए, मुनगा 40- 50 रुपए, टमाटर 25-30 रुपए, आलू 25-30 रुपए, परवल 25-35 रुपए, ढेंस 70-80 रुपए, कुंदरू 30-35 रुपए, खीरा 20-25 रुपए, शिमला मिर्च 35-40 रुपए, भाटा 20-25 रुपए, लौकी 15-20 रुपए, कच्चा आम 25-30 रुपए कोचाई 50-60 रुपए किलो बिक रही है। इधर ग्राहकों का कहना है कि थोक विक्रेता हमेशा आवक की कमी बताकर भाव बढ़ाते रहते हैं। ग्राहक इस बात से नाराज है कि शासन-प्रशासन पूरे प्रदेश के किसी थोक सब्जी बाजार में कभी निरीक्षण नहीं करता।

(लेखक डा. विजय )

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