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SIR के खिलाफ 23 तारीख को प्रदर्शन, निर्मला सीतारमण के पति का दीपके को समर्थन, बोले- हर गली में उठेगी आवाज

नई दिल्ली: देश में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का विरोध तेज होता दिख रहा है। जाने-माने अर्थशास्त्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति, पराकला प्रभाकर भी इस आंदोलन से जुड़ने जा रहे हैं। ‘इंडिया टुडे’ के अनुसार, 23 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शनों के बारे में पराकल प्रभाकर ने बताया कि लोकतंत्र को बचाने के उद्देश्य से, पूरे देश में ‘हर गली में जंतर-मंतर’ अभियान के तहत प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।परकल प्रभाकर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज के साथ मंच साझा करेंगे।

23 अक्टूबर को देशभर में उठेगी विरोध की आवाज, कई बड़े चेहरे होंगे शामिल

‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं, छात्रों और कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस आंदोलन में पराकला प्रभाकर के अलावा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, किसान नेता राकेश टिकैत, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और लेखक तुषार गांधी के भी शामिल होने की संभावना है। गठबंधन ने विपक्षी ‘INDIA’ गुट में शामिल दलों से भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अपील की है।

‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’, प्रभाकर ने भी किया दीपके का समर्थन

सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए पराकल प्रभाकर ने लिखा, “हर गली में एक जंतर-मंतर! शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026। लोकतंत्र की बहाली के लिए एक जन-मार्च। आइए, इस चुनौती का सामना करने के लिए आगे आएं।” इस नारे के ज़रिए, गठबंधन लोगों से अपने-अपने इलाकों में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अपील कर रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दे देश के हर हिस्से में उठाए जाएं, न कि ये केवल दिल्ली के जंतर-मंतर तक ही सीमित रहें।

परकल प्रभाकर सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक

पराकल प्रभाकर देश की आर्थिक नीतियों पर अपनी बेबाक टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्नी, निर्मला सीतारमण, भाजपा की एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री हैं; फिर भी, कई मौकों पर प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की है। अपनी किताब, ‘द क्रुक्ड टिम्बर ऑफ न्यू इंडिया’ में, उन्होंने नोटबंदी लागू करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। साथ ही बेरोजगारी में वृद्धि और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने जैसे मुद्दों को भी उठाया है। राजनीतिक विचारों में मतभेद के बावजूद दोनों ने 1986 में शादी की थी। (एजेंसी)

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