Dhurandhar 2 में ‘आतिफ अहमद’ के किरदार पर गरमाई सियासत, सपा-AIMIM-कांग्रेस ने उठाए सवाल
Dhurandhar 2 एक तरफ जहां फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है तो वहीं अब इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। फिल्म में आतिफ अहमद के किरदार को लेकर सपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम ने सवाल उठाए हैं।
Dhurandhar 2 : रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर-2 रिलीज होने के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म ने 145 करोड़ रुपये की ओपनिंग के साथ इतिहास रच दिया है। हालांकि इस फिल्म ने एक सियासी विवाद को भी जन्म दे दिया है। दरअसल, इस फिल्म में सपा के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता रहे अतीक अहमद से मिलता-जुलता एक किरदार दिखाया गया है। फिल्म में इस किरदार का नाम आतिफ अहमद दिखाया गया है। फिल्म के अनुसार, आतिफ अहमद का पाकिस्तान की ISI और लश्कर-ए-तैयबा से लिंक था। पाकिस्तानी लिंक के जरिए वो भारत में जाली नोट के सप्लाई में शामिल था। फिल्म में उसके पाकिस्तान के समर्थन से यूपी में एक ‘पाकिस्तान समर्थित सरकार’ बनाने की साजिश में शामिल होने की बात भी दिखाई गई है।
एसटी हमन ने बताया नफरत फैलाने की कोशिश
आतिफ अहमद के बहाने अतीक अहमद को धुरंधर-2 में दिखाने के मुद्दे पर अब सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने इस मामले पर कहा कि फिल्म की कमाई बढ़ाने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया है। ऐसे लोग किसी को भी बदनाम कर सकते हैं। एसटी हसन ने कहा कि इस फिल्म के जरिये समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की गई है, लेकिन जब सवाल उठाया जाएगा तो इसे काल्पनिक करार दिया जाएगा।
कांग्रेस और AIMIM ने भी उठाए सवाल
वहीं AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि मुसलमानों को बदनाम करने के लिए ‘धुरंधर 2’ बनाई गई है। इस तरह की फिल्में सिर्फ एक साजिश के तहत बनाई जाती हैं, ताकि देश में नफरत फैलाई जा सके। वारिस पठान ने आगे कहा कि इससे पहले भी कई प्रोपेगेंडा फिल्में बनाई जा चुकी हैं। ऐसी फिल्में बनाकर सिर्फ पैसा बनाया जा रहा है, फिल्म मेकर्स को इस बात की परवाह नहीं है कि इससे समाज में क्या प्रभाव पड़ेगा। वे सिर्फ पैसा कमाने के लिए फिल्मों के माध्यम से झूठ, नफरत और प्रोपेगेंडा दिखाते हैं। धुरंधर फिल्म को लेकर कांग्रेस नेताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। राशिद अल्वी ने कहा है कि इस फिल्म की जितनी भी आलोचना की जाए वो कम है। राशिद अल्वी ने कहा कि क्या इस फिल्म के जरिये सड़कों पर लोगों को गोली मारने को बढ़ावा दिया जा रहा है।

