Mon. Feb 2nd, 2026

समस्याओं का हल निकाल रहे युवा… स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ पर ‘स्टार्टअप इंडिया’ के 10 साल पूरे होने पर दिल्ली में युवाओं को संबोधित किया. पीएम ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है, जिसमें 2014 के 4 से बढ़कर आज लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न हैं. पीएम ने भारतीय युवाओं की सराहना की जो वास्तविक समस्याओं को हल कर रहे हैं.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस और स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया. जहां, पीएम मोदी ने कहा है कि सबसे अहम बात यह है कि भारत के युवा असली समस्याओं को हल करने पर ध्यान दे रहे हैं. पीएम ने कहा कि मैं उन सभी युवा इनोवेटर्स की बहुत सराहना करता हूं जिन्होंने नए सपने देखने की हिम्मत की है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज, हम स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. यह 10 साल का सफ़र आप जैसे हज़ारों-लाखों सपनों का सफ़र है. यह अनगिनत कल्पनाओं के सच होने का सफ़र है. सिर्फ 10 सालों में, स्टार्टअप इंडिया मिशन एक क्रांति बन गया है. भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है. 2014 में, भारत में सिर्फ 4 यूनिकॉर्न थे, आज भारत में लगभग 125 एक्टिव यूनिकॉर्न हैं. दुनिया भी इस सफलता की कहानी को हैरानी से देख रही है.

समस्याओं के समाधान पर ध्यान दे रहे-PM

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय युवा, वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान दे रहे हैं, स्टार्टअप इंडिया मिशन एक क्रांति बन गया है. भारत में 2014 में केवल चार स्टार्टअप थे और आज 125 से अधिक सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियां हैं. यूनिकॉर्न कंपनियां अब अपने आईपीओ ला रही हैं और रोजगार सृजित कर रही हैं. भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश है, स्टार्टअप की संख्या दो लाख से अधिक हो गई है. मझोले और छोटे शहरों तथा यहां तक ​​कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी अपने स्टार्टअप स्थापित कर रहे हैं. आज 45 प्रतिशत स्टार्टअप में महिला निदेशक या भागीदार हैं.

’10 साल पहले इस विज्ञान भवन से की थी शुरुआत’

पीएम ने कहा कि आज से 10 साल पहले, विज्ञान भवन में 500700 नौजवानों के बीच इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी. उस समय स्टार्टअप की दुनिया में जो नए-नए लोग आ रहे थे, उनके अनुभव मैं सुन रहा था और मुझे याद है एक बेटी, जो कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपनी नौकरी छोड़कर स्टार्टअप की तरफ जा रही थी.

…जब पीएम ने सुनाया एक किस्सा

नौकरी छोड़कर वो कोलकाता अपनी मां से मिलने गई और मां से कहा कि मैंने नौकरी छोड़ दी है और मैं स्टार्ट करना चाहती हूं. फिर उसकी मां ने कहा, सर्वनाश, तुम बर्बादी की राह पर क्यों जा रही है? स्टार्टअप को लेकर ये सोच हमारे देश में थी और आज हम कहां से कहां पहुंच गए, विज्ञान भवन से भारत मंडपम तक, जहां जगह नहीं है. नेशनल स्टार्टअप डे का ये अवसर, स्टार्टअप फाउंडर्स और इनोवेटर्स का ये समूह, मैं अपने सामने नए और विकसित होते भारत का भविष्य देख रहा हूं.

About The Author