मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर अड़ा विपक्ष: पटना की सड़कों पर उतरा ‘इंडिया’ ब्लॉक, तेजस्वी सहित ये नेता हिरासत में
पटना। निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई अब दिल्ली से निकलकर राज्यों की राजधानियों तक पहुंच गई है। गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के नेताओं ने जोरदार आक्रोश मार्च निकाला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च जैसे ही राजभवन की ओर आगे बढ़ा, पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत करते हुए नेताओं को रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी और आरजेडी सांसद मीसा भारती सहित कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।
विधानसभा गोलंबर से शुरू हुआ था मार्च, बीच रास्ते में पुलिस का पहरा
गुरुवार सुबह विपक्षी दलों के विधायक, सांसद और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में विधानसभा गोलंबर पर एकत्रित हुए थे। यहां से नेताओं ने एकजुट होकर राजभवन तक पैदल मार्च करने की रणनीति बनाई थी। हालांकि, राजभवन की ओर बढ़ते ही प्रशासन ने बैरिकेड्स लगाकर पूरे इलाके को घेर लिया। नेताओं के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। माहौल तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने तेजस्वी यादव, मीसा भारती और मुकेश सहनी को हिरासत में लेकर अपनी गाड़ियों में बैठाया और मौके से रवाना कर दिया।
सीआईसी के इस्तीफे और बिहार में दोबारा चुनाव की मांग
सड़क पर उतरे विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के सामने अपनी तीन सूत्रीय मांगें रखी हैं। विपक्ष का मुख्य मुद्दा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का पारदर्शी समाधान निकाला जाए। विपक्षी गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया में कथित विसंगतियों को आधार बनाते हुए बिहार में निष्पक्ष माहौल में दोबारा चुनाव कराने का भी दबाव बनाया है।
‘लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट हुआ विपक्ष’: तेजस्वी यादव
मार्च की शुरुआत में मीडिया से रूबरू होते हुए तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कार्यप्रणाली ने देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया है। तेजस्वी ने दावा किया कि चुनावी व्यवस्था में हेरफेर कर सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसकी पोल खुलने पर अब तमाम विपक्षी दल लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक मंच पर आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव तभी सार्थक हैं जब सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) मिले, और इस अधिकार को हासिल करने तक विपक्ष का यह आंदोलन थमेगा नहीं।

