Parliament Budget Session : ‘मैंने हर सदस्य की बात को गंभीरता से सुना है’, स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में कहा
Parliament Budget Session : संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का विपक्ष का प्रस्ताव बुधवार को ध्वनिमत से खारिज हो गया था, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था।
Parliament Budget Session : संसद के मौजूदा बजट सत्र में लगातार हंगामा हो रहा है और गुरुवार को भी इसमें कोई खास अंतर देखने को नहीं मिला। बता दें कि बुधवार को लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष के लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जिसे ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह बेनकाब हो गई, क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही पार्टी भाग गई। रिजीजू ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि कांग्रेस के कुछ सहयोगी दल भी मुख्य विपक्षी पार्टी के इस आचरण से नाखुश थे।
बीजेपी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कांग्रेस और उसके सहयोगियों की साजिश नाकाम हो गई। रिजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सदस्यों ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के दौरान जानबूझकर हंगामा किया और कई विपक्षी सांसदों ने उन्हें बताया कि कांग्रेस मतदान में भाग नहीं लेना चाहती थी क्योंकि आधे विपक्षी सदस्य उसके साथ नहीं थे। चर्चा के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने स्पीकर ओम बिरला पर निशाना साधा। राष्ट्रीय जनता दल के अभय कुमार सिन्हा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हंसदा ने कहा कि विपक्षी सदस्यों के लिए बिरला सबसे ज्यादा ‘नो’ शब्द का इस्तेमाल करते है।
विपक्ष के नेताओं ने बिरला पर आरोप लगाया था कि जब विपक्षी सांसद बोलते हैं तो उन्हें रोका जाता है और यह परंपरा बन गई है। अमित शाह ने राहुल गांधी के आचरण पर तीखी टिप्पणी करते हुए इस आरोप को खारिज किया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। शाह ने कहा, ‘आप प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रस्ताव लाइए, हम मुद्दों पर जवाब देंगे, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव मैं सामान्य नहीं मानता।’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बोलना ही नहीं चाहते, नियमानुसार बोलना नहीं आता और यह कोई रैली नहीं है। शाह के भाषण के बाद सदन ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया। संसद से जुड़े हर जरूरी अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।
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‘मैंने सभी सांसदों को समय देने का प्रयास किया’
ओम बिरला ने कहा, ‘प्रत्येक सांसद लाखों नागरिकों के जनादेश को लेकर आते हैं। मैंने हमेशा ये प्रयास किया कि सदन के अंदर प्रत्येक सदस्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत अपने विचार व्यक्त करें। मैंने सभी सांसदों को समय देने का प्रयास किया। मैंने उन सांसदों को कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया, जो संकोच करते हैं या नहीं बोलते हैं। मैंने ऐसे सांसदों को अपने चैंबर में बुलाकर उन्हें बात रखने की अपील की। सदन में बोलने से सदन मजबूत होता है। ये सदन विचारों का चर्चा का जीवंत मंच रहा है। सहमति और असहमति की परंपरा रही है।’
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद लोकसभा पहुंचे ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला अपने खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने के बाद आज पहली बार लोकसभा पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा संतुलन बनाने की कोशिश की। बिरला ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में मेरा अटूट विश्वास है और मैंने हर सदस्य की बात को गंभीरता से सुना है।

