बीएलए के हमलों से बैकफुट पर पाकिस्तानी सेना: फ्रंटियर कॉर्प्स में पूर्व सैनिकों की वापसी, 30 अक्टूबर तक रिपोर्ट करने का अल्टीमेटम
इस्लामाबाद। बलूचिस्तान में अलगाववादी हमलों के लगातार बढ़ते दबाव के बीच पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र में असामान्य हलचल देखने को मिल रही है। प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल ‘फ्रंटियर कॉर्प्स’ (FC) ने अपने सेवानिवृत्त जवानों को दोबारा सेवा में बुलाने का निर्णय लिया है। फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान के महानिरीक्षक कार्यालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर पूर्व कर्मियों को तुरंत संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
30 अक्टूबर तक यूनिटों में रिपोर्ट करने का आदेश
जारी अधिसूचना के मुताबिक, फ्रंटियर कॉर्प्स के पूर्व सैनिकों को निर्देश दिया गया है कि यदि वे दोबारा सेवा में आना चाहते हैं, तो 30 अक्टूबर से पहले अपनी पुरानी यूनिट के विंग कमांडरों से संपर्क स्थापित करें। सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, कई साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों की पुनः नियुक्ति पर भी विचार किया जा रहा है। ड्यूटी पर लौटने वाले इन जवानों को उनकी पूर्व सेवा अवधि और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर वेतन और भत्तों का भुगतान किया जाएगा।
बीएलए के बढ़ते हमलों से बढ़ा दबाव
सेवानिवृत्त सैनिकों को दोबारा बुलाने का यह फैसला ऐसे नाजुक समय में सामने आया है, जब बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग कर रहे विद्रोही संगठन ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ (BLA) ने सुरक्षा बलों पर हमले काफी तेज कर दिए हैं। संगठन के अनुसार, अकेले सितंबर महीने के दौरान उसने प्रांत के विभिन्न हिस्सों में 94 योजनाबद्ध सशस्त्र हमले किए, जिनमें 105 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई और 52 अन्य घायल हुए।
चौकियों और खुफिया तंत्र को बनाया निशाना
विद्रोही समूह ने अपने बयान में दावा किया कि सितंबर के महीने में उसने 25 अलग-अलग स्थानों पर नाकेबंदी और छापेमारी की कार्रवाई की, जिसमें 37 लोग मारे गए। समूह का आरोप है कि मारे गए लोग पाकिस्तानी खुफिया तंत्र से जुड़े हुए थे। इस दौरान 21 कर्मियों और संदिग्धों को बंधक बनाने की बात भी कही गई है। वहीं, इन ऑपरेशनों में बीएलए ने अपने 33 लड़ाकों के मारे जाने की बात भी स्वीकार की है। इन लगातार हमलों ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

