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फिर लौटा Nipah Virus! केरल में अलर्ट, जानिए कितना खतरनाक है यह संक्रमण

Nipah Outbreak in Kerala: केरल में निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आया है। कोझिकोड में हुई जांच में एक 45 साल के व्यक्ति में इस वायरस की पुष्टि हुई है। इस मामले का पता चलने के बाद, स्वास्थ्य अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाए और उन लोगों की पहचान शुरू कर दी जो उस व्यक्ति के संपर्क में आए थे। मरीज़ का इलाज अभी कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। आइए अब जानते हैं कि निपाह वायरस कैसे फैलता है और यह कितना खतरनाक है।

77 लोगों के संपर्क में आया मरीज

रिपोर्ट के मुताबिक, यह राहत की बात है कि मरीज़ के संपर्क में आए 77 लोगों में से किसी में भी अब तक निपाह वायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं। अधिकारियों का कहना है कि 77 लोगों के इस ग्रुप में परिवार के 14 सदस्य, 5 दोस्त और साथी, और 58 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। बताया गया है कि इनमें से 15 लोगों को ज़्यादा जोखिम वाली कैटेगरी में रखा गया है।

क्या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस एक जेनेटिक वायरस है, जिसका मतलब है कि यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। फ्रूट बैट फल खाने वाले चमगादड़ को इसका मुख्य स्रोत माना जाता है। यह वायरस सबसे पहले 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में सामने आया था। इसके अलावा, भारत, बांग्लादेश और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में भी समय-समय पर इसके मामले सामने आते रहे हैं।

कैसे फैलता है निपाह वायरस?

निपाह वायरस का संक्रमण इंसानों में कई तरह से फैल सकता है, जैसे कि संक्रमित चमगादड़ों की लार, पेशाब या मल से दूषित फल खाने से, चमगादड़ों के संपर्क में आए खजूर के कच्चे रस को पीने से या संक्रमित जानवरों, खासकर सूअरों के संपर्क में आने से। इसके अलावा, यह वायरस संक्रमित मरीज़ के शरीर के तरल पदार्थों, जैसे लार, खून या अन्य स्राव के संपर्क में आने से भी फैलता है। जानकारों के अनुसार, संक्रमित मरीज़ों की देखभाल करने वाले लोगों को संक्रमण होने का खतरा ज़्यादा होता है। (एजेंसी)

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