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ज्यादातर ट्रेंने कैंसिल, बस- वायुमार्ग से जेब कटना तय

रायपुर। राज्य को होकर या चलकर गुजरने वाले दर्जनों ट्रेने रदद् या स्थगित चल रही हैं। बस में टिकट किराया ज्यादा है। तो उधर ऊपर बचा हवाई मार्ग तो उसने भी अपना भाड़ा 25 से 50 प्रतिशत त्यौहार तक बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि प्रदेश समेत दीगर राज्यों में रेलवे कई मार्गों पर तीसरी लाइन डाल (बिछा) रहा है। तो दर्जनों मार्गों पर सेक्शन वर्क, कपलिंग का काम चल रहा है। जिसके चलते दर्जनों ट्रेने स्थगित या रदद् कर दी गई हैं। आलम यह है कि जिन लोगों (यात्रियों) की ट्रेने स्थगित या रदद् नहीं की गई हैं वे भी स्टेशन पहुंचकर भय मिश्रित सवाल कर रहें है कि उनकी ट्रेन भी तो कहीं कैंसिल नहीं कर दी गई है। इस स्थगन या रदद् की वजह से यात्री बस का सफर कर रहें हैं जहां किराया-समय दोनों ज्यादा लग रहा है। यानी जेब कट रही है – सुविधा कम है।

उधर वायु मार्ग पर राज्य के अंदर यात्री बढ़ गए हैं। इसका अनुचित लाभ हवाई कंपनियों उठाने लगी हैं। वे फ्लाइट का दर सवा से डेढ़ गुनी लेने लगी है। कहा जा रहा है कि यह स्थिति दीवाली तक रहेगी। यानी कि जोर का झटका धीरे से। रेलवे रूट या ट्रेक त्यौहार के पूर्व ठीक हो जाएगा। परंतु तब तक त्यौहारी भीड़ सामान्य से कई गुनी बढ़ जाएगी। इतनी मारा-मारी में महंगी टिकट लेकर खड़े-खड़े जाना कितने यात्री, परिवार पसंद करेंगे। फिर रह जाती है बस सेवा। जहां खुले आम जेब कटाती हो तो एडवांस रिजर्वेशन कराना भी महंगा है कुल जमा अरसे बाद (3 वर्ष- कोविड -19) इधर-उधर (रिश्तेदारी में) जाने-आने की बात आई तो भाड़ा-आड़े आने लगा है। आखिर चारा घर पर रहकर परिवार संग मनाएं पर्व -त्यौहार।

(लेखक डॉ. विजय)

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