NSEL घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, ₹19 करोड़ की संपत्ति अटैच, ऐसे हुआ ₹5600 करोड़ ठगी का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NSEL घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹19.12 करोड़ की अचल संपत्ति अटैच की है. यह ₹5600 करोड़ के निवेशक धोखाधड़ी मामले से जुड़ा है, जिसमें NSEL और LOIL ग्रुप ने फर्जी स्टॉक दिखाकर ट्रेडिंग की थी. अब तक ED कुल ₹3452 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है और 148 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने करीब 19.12 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अटैच कर लिया है. ईडी की जांच की शुरुआत मुंबई के एम.आर.ए. मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसकी जांच फिलहाल मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है. इस मामले में NSEL, उसके डायरेक्टर्स, बड़े अधिकारियों और 25 डिफॉल्टर्स के खिलाफ केस दर्ज है.
जांच में सामने आया है कि NSEL और उसके डिफॉल्टिंग मेंबर्स ने मिलकर बिना असली स्टॉक के ही कमोडिटी ट्रेडिंग करवाई. यानी कागजों पर ही सौदे किए गए और करीब 13 हजार निवेशकों से लगभग 5600 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई. इस घोटाले में LOIL ग्रुप की 3 कंपनियों LOIL ओवरसीज फूड्स, LOIL कॉन्टिनेंटल फूड्स और LOIL हेल्थ फूड्स का नाम सामने आया है.
धान की फर्जी बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये जुटाए
इन कंपनियों ने NSEL प्लेटफॉर्म के जरिए धान की फर्जी बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये जुटाए. इन पर करीब 720 करोड़ रुपये की देनदारी पाई गई, जिसमें से करीब 569 करोड़ रुपये को अलग-अलग खातों के जरिए इधर-उधर कर दिया गया. ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि इस पैसे को कई कंपनियों के जरिए घुमाकर बैंक लोन चुकाने, बिजनेस चलाने और प्रॉपर्टी खरीदने में इस्तेमाल किया गया.
148 आरोपियों के खिलाफ 7 चार्जशीट भी दाखिल
अब तक इस पूरे मामले में ईडी 34 बार संपत्तियां अटैच कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत करीब 3452 करोड़ रुपये है. साथ ही 148 आरोपियों के खिलाफ 7 चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है. फिलहाल ईडी इस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
उधर, प्रवर्तन निदेशालय की मुंबई यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 25 मार्च को करीब 41.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थी. ये सभी संपत्तियां मुंबई के गोरेगांव इलाके में स्थित गोरगांव पर्ल CHS प्रोजेक्ट से जुड़ी बताई जा रही हैं. अटैच की गई संपत्तियों में तैयार और अधूरी बनी रिहायशी फ्लैट, कमर्शियल दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इस प्रोजेक्ट को M/s साई सिद्धि डेवलपर्स द्वारा विकसित किया जा रहा था.

