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मधुबनी डबल मर्डर केस: दो मासूमों की हत्या पर मां को मिली मृत्युदंड की सजा

मधुबनी, झंझारपुर: मधुबनी, प्यार में अंधी एक मां की बेरहमी और ममता को शर्मसार कर देने वाली दास्तान ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया था। मधुबनी जिले की झंझारपुर अदालत ने अनीता देवी (23 वर्ष) और उसके प्रेमी जय प्रकाश मंडल (35 वर्ष) को अपने ही दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) अभिषेक रंजन की अदालत ने इस जघन्य अपराध को ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ की श्रेणी में रखा। झंझारपुर अदालत के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी अपराधी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।

नापाक प्रेम की वेदी पर चढ़ गई थी दो मासूमों की जिंदगी

ये दिल दहला देने वाली घटना 10 जुलाई, 2023 को घटी। 23 वर्षीय अनीता अपने प्रेमी जय प्रकाश मंडल के साथ दो मासूम बच्चों को कार में बिठाकर अपने घर से लगभग 20-22 किलोमीटर दूर बालन नदी पर स्थित खाप पुल पर ले गई। वहां ममता का गला घोंटते हुए दोनों ने मिलकर चार वर्षीय मासूम प्रिंस और महज 18 महीने की दुधमुंही बच्ची सृष्टि की गर्दन मरोड़कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।निर्दोष बच्चों की हत्या करने के बाद, दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से उनके शवों को उफनती बालन नदी में फेंक दिया। असहाय पिता प्रमोद साफी के कलेजे के टुकड़ों में से चार वर्षीय प्रिंस का शव तुरंत बरामद कर लिया गया, लेकिन 18 महीने की सृष्टि का शव नदी की लहरों में दो दिन तक बहने के बाद ही मिल पाया।

अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

सच्चाई तब सामने आई जब स्थानीय ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को बच्चों के शवों को पुल से नदी में फेंकते हुए देखा। यह दृश्य देखकर वे क्रोधित हो गए। क्रोधित भीड़ ने तुरंत मां और उसके प्रेमी को घेर लिया और उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। भीड़ ने उन्हें बुरी तरह पीटा और फिर घोघरडीहा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई और उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, शव छिपाने और सबूत नष्ट करने के आरोप में उन्हें सात साल की कठोर कारावास की सजा और 10,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित के असहाय पिता प्रमोद साफी को सौंप दी जाए।

मां बर्बरता से दहल गया था इलाका

दोषी मां अनीता देवी अंधरामठ के नरही गांव की रहने वाली हैं और उनका प्रेमी जयप्रकाश लौकही के धुनकी करियौट का निवासी है। झंझारपुर अदालत के इतिहास में यह पहली बार है कि अदालत ने दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। घटना वाले दिन ही पीड़ित के पिता प्रमोद साफी के बयान पर घोघरडीहा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद दोनों जेल में हैं। अदालत ने निर्दोषों की हत्या को क्रूरता की पराकाष्ठा बताते हुए इसे समाज पर कलंक और दुर्लभतम अपराध माना। (एजेंसी)

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