Lahore Roof Collapse: निर्माणाधीन ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत, मलबे में और भी दबे होने की आशंका
Women mourn next to the bodies of their children killed after the roof of a tutoring center under-construction collapsed, on the outskirts of Lahore, Pakistan, Tuesday, June 30, 2026. (AP Photo/K.M Chaudary)
Lahore Roof Collapse: पाकिस्तान के लाहौर में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ घनी आबादी वाले काहना नउ इलाके (बस्ती ईदगाह) में चल रहे एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत अचानक गिर गई। इस भयानक हादसे में कम से कम 14 मासूम बच्चों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि 20 अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अचानक हुए इस हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और कोहराम मच गया।
पढ़ाई के दौरान हुआ बड़ा हादसा
लाहौर के पुलिस उप-महानिरीक्षक (अभियान) फैजल कामरान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय अकादमी में 7 से 13 वर्ष की आयु के 30 से अधिक बच्चे क्लास ले रहे थे। इमारत का एक हिस्सा निर्माणाधीन था और ऊपर मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई और बच्चे मलबे के नीचे दफन हो गए।
लाहौर जिला शिक्षा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारिक महमूद के मुताबिक, इस आवासीय इमारत में इलाके की ही एक महिला द्वारा यह प्राइवेट ट्यूशन सेंटर चलाया जा रहा था।
लापरवाह ठेकेदार गिरफ्तार, बचाव कार्य जारी
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हादसे के तुरंत बाद संबंधित ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। मौके पर ईधी फाउंडेशन और स्थानीय प्रशासन की टीमें तेजी से बचाव अभियान (Rescue Operation) चला रही हैं। ईधी फाउंडेशन के अनुसार, मलबे से अब तक 14 बच्चों के शव निकाले जा चुके हैं जिन्हें जनरल अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। मलबे में कुछ और बच्चों के फंसे होने की आशंका है, जिसके कारण मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित, CM मरियम नवाज का कड़ा रुख
इस हादसे के बाद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बड़ी लापरवाही के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनकी तुरंत पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए।
वहीं दूसरी ओर, प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लाहौर जनरल अस्पताल में ‘आपातकाल’ (Emergency) घोषित कर दिया है। सभी वरिष्ठ डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को घायलों का युद्धस्तर पर इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल घायल 20 बच्चों और एक महिला टीचर का इलाज जारी है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

