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Ketan Murder Case: लोहागढ़ किले की 500 फीट गहरी खाई में सीन रीक्रिएशन, मंगेतर की एक खौफनाक ‘इच्छा’ ने ली केतन की जान

Ketan Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब उस निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां खाकी पूरी साजिश की कड़ियों को जमीन पर परख रही है. रविवार की सुबह ठीक 6:30 बजे, जब लोहागढ़ किले पर कोहरा छंट ही रहा था, पुणे ग्रामीण पुलिस की एक टीम इस सनसनीखेज मामले की मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर 20 वर्षीय सिया गोयल को लेकर सीधे वारदात वाली जगह (घटनास्थल) पहुंची. पुलिस ने वहां करीब एक घंटे तक चले ‘सीन रीक्रिएशन’ के जरिए यह समझने की कोशिश की कि 18 जून की उस काली दोपहर को आखिर क्या और कैसे हुआ था.

सुबह 6:30 बजे का वो सन्नाटा और सीन रीक्रिएशन

अधिकारियों के मुताबिक, जांच टीम सिया गोयल को ठीक उसी पॉइंट पर लेकर गई जहां से उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22) के साथ मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दिया था. पुलिस ने मौके पर डमी और मैपिंग के जरिए पूरी कहानी को दोबारा जमीन पर उतारा:

  • कौन कहाँ खड़ा था? सिया ने पुलिस को बताया कि उसने केतन को किस बहाने से खाई के बिल्कुल मुहाने पर बुलाया.
  • धक्का देने का क्रम क्या था? क्या एक झटके में केतन का संतुलन बिगड़ा या चेतन पहले से घात लगाकर पीछे छिपा था?

बयानों का टेस्ट: पुलिस यह देख रही है कि दोनों आरोपियों ने हिरासत में जो कहानियां सुनाई हैं, क्या वो लोहागढ़ किले की भौगोलिक परिस्थितियों (Terrain) से मेल खाती हैं या वे पुलिस को गुमराह कर रहे हैं.

‘हादसा’ नहीं, बेहद ठंडे दिमाग से किया गया ‘मर्डर’

बीती 18 जून को जब 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिरकर मौत हुई, तो लगा कि यह पैर फिसलने की वजह से हुआ कोई दुखद हादसा है. लेकिन जब पुणे ग्रामीण पुलिस ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो परत दर परत एक खौफनाक साजिश सामने आई.

पुलिस जांच में पता चला कि सिया और केतन की अरेंज मैरिज तय हो चुकी थी और फरवरी में दोनों की सगाई (इंगेजमेंट) भी हो गई थी. लेकिन सिया इस शादी के खिलाफ थी क्योंकि वह अपने प्रेमी चेतन चौधरी से प्यार करती थी.

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा: सिया ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि अगर वह खुद शादी से इनकार करती, तो समाज में उसके परिवार की भारी बदनामी होती. इस बदनामी से बचने के लिए उसने और चेतन ने केतन को ही रास्ते से हटाने का सबसे खतरनाक रास्ता चुन लिया.

‘3 साल की मोहलत’ के लिए ली जान

जांचकर्ताओं के सामने एक और हैरान करने वाला फैक्ट आया है. सिया का मानना था कि अगर केतन की किसी ‘हादसे’ में मौत हो जाती है, तो मंगेतर की मौत के गम और शोक के बहाने उसे परिवार से शादी का फैसला टालने के लिए कम से कम तीन साल का वक्त मिल जाएगा. वहीं, उसका प्रेमी चेतन भी सिया से शादी करने से पहले अपने करियर को सेट करने के लिए कुछ सालों का समय चाहता था. इसी ‘टाइम गैप’ को हासिल करने के लिए एक हंसते-खेलते बिजनेसमैन को मौत के घाट उतार दिया गया.

उदयपुर ट्रिप से जुड़े कड़ियां

पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि फरवरी में सगाई होने से ठीक पहले, यानी जनवरी में सिया अपने प्रेमी चेतन चौधरी और कुछ चुनिंदा दोस्तों के साथ 5 दिनों के लिए उदयपुर ट्रिप पर गई थी. पुलिस को शक है कि हत्या या केतन को रास्ते से हटाने का ब्लूप्रिंट शायद इसी ट्रिप के आस-पास या इसके बाद तैयार होना शुरू हुआ था.

डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही पुलिस

पुणे ग्रामीण पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इसलिए सीन रीक्रिएशन के साथ-साथ साइंटिफिक एविडेंस (वैज्ञानिक सबूत) जुटाए जा रहे हैं:

  • सीडीआर (Call Detail Records): घटना के वक्त और उससे पहले सिया और चेतन के बीच हुई बातचीत का पूरा ब्योरा.
  • लोकेशन ट्रैकिंग: मोबाइल टावर लोकेशन से यह साफ हो चुका है कि चेतन वारदात के वक्त किले पर ही मौजूद था.
  • सीसीटीवी व डिजिटल फुटप्रिंट: किले के रास्ते और पुणे से निकलने के तमाम सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए हैं.

पुलिस का कहना है कि अगर सीन रीक्रिएशन के दौरान मिले सबूतों और आरोपियों के बयानों में कोई भी विरोधाभास (Contradiction) पाया जाता है, तो अदालत में इसे बेहद मजबूत सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा ताकि दोनों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.

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