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Kalashtami 2026: इस रात खुलते हैं रहस्यमयी द्वार, जरूर करें ये उपाय

मध्यरात्रि में खुलते हैं सिद्धि के द्वार, कर्ज, भय और बाधाओं से मुक्ति का दिन

 

Kalashtami 2026: कालाष्टमी का पावन पर्व इस बार 9 मई (शनिवार) को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप Kaal Bhairav को समर्पित होता है। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर आने वाला यह पर्व साधकों और गृहस्थों दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा से जीवन के भय, कर्ज, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैं।

 

इस बार अष्टमी तिथि 9 मई दोपहर 2:02 बजे से शुरू होकर 10 मई दोपहर 3:06 बजे तक रहेगी। हालांकि सबसे विशेष समय निशिता काल माना गया है, जो 9 मई रात 11:56 बजे से 10 मई रात 12:38 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस दौरान Kaal Bhairav की पूजा करने से कई गुना अधिक फल मिलता है और साधना शीघ्र सिद्ध होती है।

 

आर्थिक संकट या कर्ज से परेशान लोगों के लिए इस दिन खास उपाय बताए गए हैं। कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे Kaal Bhairav को प्रसन्न करने का सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

 

डर और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति पाने के लिए भैरव मंदिर में जाकर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। साथ ही काले तिल, उड़द दाल और काले वस्त्रों का दान करना भी शुभ माना गया है। इससे मानसिक भय कम होता है और शनि दोष का प्रभाव भी घटता है।

 

यदि घर में अशांति या नकारात्मकता बनी रहती है, तो इस दिन भैरव बाबा को मीठी रोटी का भोग लगाना लाभकारी होता है। यह उपाय घर के वातावरण को शुद्ध करता है और परिवार में सुख-शांति लाता है।

 

पूजा के दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। इस दिन सात्विकता बनाए रखें, मांसाहार और शराब से दूर रहें और किसी का अपमान न करें। खासकर कुत्तों को कष्ट न दें, क्योंकि उन्हें Kaal Bhairav का प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गलत आचरण करने वालों पर भैरव की कृपा नहीं होती।

 

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