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अफ्रीका के जिबूती में बड़ा हादसा: यमन जा रही नाव पलटने से 109 प्रवासियों की मौत, 116 लापता

जिबूती। पूर्वी अफ्रीका के जिबूती तट के पास प्रवासियों से भरी एक नौका के समुद्र में डूब जाने से व्यापक त्रासदी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) की रिपोर्ट के अनुसार, नाव में कुल 305 प्रवासी सवार थे, जिनमें से 109 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। हादसे के बाद 116 लोग अब भी गहरे समंदर में लापता हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव दल लगातार जुटे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव कर्मियों ने अब तक 80 से अधिक लोगों को जीवित निकालने में सफलता पाई है।

मृतकों में 15 बच्चे और 42 महिलाएं शामिल

IOM के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह दुर्घटना गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि के दौरान उस समय घटी जब नौका जिबूती से यमन की ओर समुद्री सीमा पार कर रही थी। क्षमता से अधिक भार और प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते नाव बीच समुद्र में पलट गई। बरामद किए गए शवों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 छोटे बच्चे शामिल हैं। लापता लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए मरने वालों के आधिकारिक आंकड़े में और इजाफे का अंदेशा जताया जा रहा है।

जान जोखिम में डालकर खाड़ी देशों का रुख करते हैं अफ्रीकी नागरिक

‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ क्षेत्र में व्याप्त भीषण गरीबी, राजनीतिक अस्थिरता और संघर्षों के कारण हर साल हजारों अफ्रीकी नागरिक रोजगार की आस में यह खतरनाक सफर तय करते हैं। प्रवासी जिबूती के तटवर्ती रास्तों से होते हुए बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर यमन पहुंचते हैं, जहां से उनका लक्ष्य सऊदी अरब और अन्य समृद्ध खाड़ी देशों में प्रवेश पाना होता है। जिबूती में IOM मिशन के प्रमुख एलेक्जेंडर कोयसैक ने इस मानवीय क्षति पर शोक जताते हुए कहा कि यह घटना इस बात का भयावह प्रमाण है कि आजीविका की खोज में लोग किस कदर जानलेवा समुद्री मार्गों पर अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं।

संघर्षग्रस्त बाब-अल-मंदेब रूट पर लगातार बढ़ रहा है जोखिम

यह समुद्री हादसा रणनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले बाब-अल-मंदेब इलाके में हुआ है, जहां हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों के हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पहले से ही भारी संकट में है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बाद यह मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए वैकल्पिक लाइफलाइन बना हुआ था। सुरक्षा संकट और सैन्य हलचलों के बावजूद मानव तस्करों का नेटवर्क सक्रिय है, जो अवैध रूप से प्रवासियों को असुरक्षित नावों में भरकर इस जोखिम भरे समुद्री गलियारे में धकेल रहा है।

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