एमएमआई कांड की जांच रिपोर्ट : रेड एंबुलेंस और एयर एंबुलेंस के साथ अस्पताल भी जिम्मेदार

स्वाइन फ्लू पीड़ित महिला भारती खेमानी की मौत के मामले में जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में एमएमआई अस्पताल प्रबंधन, रेड एंबुलेंस और एयर एबुलेंस को भी जिम्मेदार माना है।

रायपुर। स्वाइन फ्लू पीड़ित महिला भारती खेमानी की मौत के मामले में जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में एमएमआई अस्पताल प्रबंधन, रेड एंबुलेंस और हैदराबाद ले जाने आई एयर एबुलेंस को भी जिम्मेदार माना है। स्वास्थ विभाग की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में तीनों की लापरवाही तय की है और रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।

टाटीबंध में रहने वाले मुकेश खेमानी की 49 वर्षीय पत्नी भारती खेमानी को 2 सितंबर को गंभीर हालत में इलाज के लिए लालपुर के एमएमआई नारायणा अस्पताल में भर्ती किया गया था। स्वाइन फ्लू पीड़ित बताकर उनका इलाज किया गया और 12 सितंबर को स्थिति गंभीर बताकर उन्हें हैदराबाद के अस्पताल रेफर किया गया. एयर एबुलेंस में उड़ान भरने के कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। मामले में भारती खेमानी के बेटे और उनके परिवार ने लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर विभागीय स्तर पर पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंप दी है, जिसे कलेक्टर और स्वास्थ्य संचालक को प्रेषित किया जाएगा। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही उच्चस्तर पर कार्रवाई तय की जाएगी।

ओम खेमानी ने की थी पुलिस से शिकायत
सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में भारती खेमानी की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन, एंबुलेंस कंपनी और आधी सुविधाओं के साथ उड़ान भरकर लौटने वाले एयर एबुलेंस को भी दोषी माना गया है। गंभीर मरीज को रेफर करने के लिए जो आवश्यक मापदंड पूरे किए जाने थे, वह एमएम आई, रेड एंबुलेंस और एयर एंबुलेंस में नहीं थे। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में तीनों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिए जाने की संभावना है।

एमएमआई की लापरवाही
सूत्रों के अनुसार भारती खेमानी को हैदराबाद के अस्पताल रेफर किए जाने का निर्णय लिया गया। उन्हें जब अस्पताल से एयरपोर्ट तक एंबुलेंस में ले जाना था, उस दौरान चिकित्सकीय स्टाफ उपलब्ध कराना था। अस्पताल ने इस महत्वपूर्ण मामले को नजर अंदाज कर दिया.

जांच में माना गया है कि भारती खेमानी को रेड एंबुलेंस में अस्पताल से एयरपोर्ट ले जाना था। उनकी हालत काफी गंभीर थी। परिवहन के दौरान एंबुलेंस में जरूरी उपकरण थे, मगर डाक्टर की व्यवस्था नहीं थी। माना गया है कि इस दौरान मरीज की तबीयत और बिगड़ गई।

अधूरी सुविधा वाला एयर एंबुलेंस
मामले में सबसे ज्यादा दोषी एयर एबुलेंस को माना गया है। गंभीर मरीज को हैदराबाद ले जाने से पहले उन्हें एयरक्राफ्ट में मौजूद उपकरणों को चेक करना था, जो नहीं किया गया। उड़ान भरने के बाद मरीज को जब सांस लेने में दिक्कत हुई, तो ऑक्सीजन की सप्लाई में तकनीकी परेशानी का पता चला। उड़ान के दस मिनट बाद ही मरीज को हालत बेहद खराब हो गई थी और फ्लाइट को वापस रायपुर में लैंड कराना पड़ गया था।

पुलिस कर रही रिपोर्ट का इंतजार
इस मामले में पीड़ित खेमानी परिवार ने टिकरापारा थाने में अस्पताल प्रबंधन से लेकर एयर एंबुलेंस स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि अस्पताल से एंबुलेंस में विमानतल जाने के दौरान उनसे रूखा व्यवहार किया गया। इसके अलावा एयरक्राफ्ट में उपकरण ठीक ठाक हालत में नहीं थे। पूरी रकम लेने के बाद भी फ्लाइट को वापस रायपुर में उतार लिया गया था। मामले में पुलिस ने संबंधित रेड एंबुलेंस को भी थाने में खड़ा करवा दिया था। मामले में कार्रवाई के लिए उनकी ओर से भी स्वास्थ्य विभाग को जांच कर रिपोर्ट देने का निवेदन किया गया था। पुलिस अफसरों मुताबिक विभागीय जांच के बाद जो रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाएगी इस आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। पीड़ित परिवार मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा था।

रिपोर्ट आला अधिकारियों को
रायपुर के सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि, जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी है, आवश्यक अध्ययन के बाद इसे आला अधिकारियों को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई उनके द्वारा ही तय की जाएगी।

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