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सड़क पर संग्राम, बैरिकेड पर चढ़े राहुल: चुनाव आयोग कूच के दौरान हिरासत, बस से उतरकर आकाशवाणी भवन में डेरा

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली मंगलवार को विपक्षी दलों के शक्ति प्रदर्शन और पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक का गवाह बनी। मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक जोरदार मार्च निकाला। महज 10 मिनट की दूरी वाले इस एक किलोमीटर के रास्ते पर दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम और कई लेयर की बैरिकेडिंग कर रखी थी, जिसके चलते सुबह 11 बजे शुरू हुआ यह कूच दोपहर तक आयोग के दफ्तर नहीं पहुंच सका।

बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराया, सड़क पर बैठे दिग्गज

पुलिस द्वारा मार्च को रोके जाने के बाद संसद मार्ग पर तनाव चरम पर पहुंच गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सड़क पर ही बैठ गए। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी सुरक्षा बलों की लगाई बैरिकेड्स पर ऊपर चढ़ गए। राहुल गांधी हाथ में तिरंगा थामे आगे बढ़ने का प्रयास करते दिखे, जिससे पुलिस और सुरक्षाकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए राहुल और प्रियंका सहित कई विपक्षी चेहरों को हिरासत में ले लिया।

समर्थकों ने घेरी बस, आकाशवाणी परिसर में पेड़ के नीचे धरना

नेताओं को हिरासत में लेकर ले जा रही पुलिस बस को विपक्षी समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से नीचे उतर आए और अन्य सांसदों के साथ दोबारा पैदल ही आयोग की ओर बढ़ने लगे। इसी जद्दोजहद के दौरान दोनों नेता संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के परिसर में दाखिल हो गए और वहां एक पेड़ की छांव में धरने पर बैठ गए। पुलिस अधिकारी उन्हें लगातार परिसर से बाहर निकलने और समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन राहुल गांधी आयोग जाकर अपनी बात रखने पर अड़े रहे। आगामी रणनीति को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने दो टूक कहा कि सस्पेंस बरकरार रहने दीजिए।

विपक्ष का साझा मोर्चा: ‘हिटलरशाही और वोट चोरी नहीं चलेगी’

इस मार्च के जरिए विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कड़े शब्दों में कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान को नष्ट कर जनता पर हिटलर का शासन थोपने की तैयारी है, जिसके खिलाफ इंडिया गठबंधन मजबूती से लड़ेगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पुराने चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि आयोग 2017 से 2024 तक लगातार पक्षपात करता रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस मुहिम में बीजद सहित कई दल हमारे साथ हैं और सत्ता पक्ष के मंसूबों को नाकाम करने के लिए विपक्ष एकजुट है। वहीं काले लिबास में पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी वर्षों से वोट चोरी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं।

बीजेपी का जोरदार पलटवार: ‘राहुल गांधी ने की घुसपैठ’

विपक्ष के इस प्रदर्शन पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए तीखे सवाल दागे। बीजेपी सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आकाशवाणी परिसर में बैठने पर आपत्ति जताते हुए इसे सीधी घुसपैठ करार दिया। त्रिवेदी ने वोटर लिस्ट के मसले पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि राहुल गांधी 13 करोड़ मतदाताओं का झूठा आंकड़ा पेश कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि वे 2.8 करोड़ मृत व्यक्तियों और 1 करोड़ डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। इस सियासी टकराव ने संसद से लेकर सड़क तक गर्माहट बढ़ा दी है।

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