Mobile Addiction: छोटे बच्चों को मोबाइल की वजह से लग रहा चश्मा, डॉक्टर्स ने माता पिता को किया सावधान
Mobile Addiction: एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक साढ़े दस लाख बच्चों में से करीब 35 हजार बच्चों की आंखें कमजोर पाई गई हैं। जिसके पीछे डॉक्टर कारण बता रहे हैं स्क्रीन टाइम यानी लंबे समय तक मोबाइल से चिपके रहना, वीडियो गेम खेलना या टीवी देखना।
Mobile Addiction रायपुर। बच्चों के ज्यादा देर तक मोबाइल से चिपके रहने, टीवी देखने, वीडियो गेम खेलने के चक्कर में उनकी आंखें प्रभावित हो रहीं हैं। लिहाजा, छोटे बच्चों को चश्मा लग रहें हैं। यह बात स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूली बच्चों की आंखों की जांच में सामने आई है।
सर्वे में 35 हजार बच्चों की आंखें कमजोर पाई गईं
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के मध्य प्रदेश के तमाम स्कूलों बच्चों के आंखों की मुफ्त जांच की। साढ़े दस लाख बच्चों में से करीब 35 हजार बच्चों की आंखें कमजोर पाई गई हैं। जिसके पीछे कारण चिकित्सक स्क्रीन टाइम यानी ज्यादा देर तक मोबाइल से चिपके रहना, वीडियो गेम खेलना या टीवी देखना बताते है। अभी निर्धारित लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग छू नही पाया है यानी कि 33 जिलों में से महज 11 जिलों के स्कूलों में जांच हुई है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष मिश्रा की राय है कि बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रहना चाहिए
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुभाष मिश्र कहते हैं कि एक दौर था जब बड़ी उम्र में ही चश्मा लगा करता था, पर अब प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को चश्मा लगाने की नौबत आ रही है। जिसके पीछे केवल मोबाइल, टीवी है। डॉक्टर मिश्र कहते हैं कि बड़े लोग घर में मोबाइल पर ज्यादा बात करते रहते है। बच्चों के माताएं तो और भी ज्यादा इसकी देखादेखी बच्चा भी मोबाइल मांगता है,जो सीधे असर छोड़ रहा है। डॉक्टर मिश्र कहते हैं कि लगातार यानी लंबे समय तक पढ़ते रहने से भी आंखें कमजोर होती है। थोड़े-थोड़े समय बाद आंखों को आराम देना चाहिए। पौष्टिक आहार को छोड़ फास्ट फूड खाने का भी आंखों पर सीधा असर होता है। स्वास्थ्य विभाग मुफ्त चश्मा वितरित कर रहा है। बच्चों के मां-बाप को खुद पर नियंत्रण बाद बच्चों की चिंता करनी चाहिए।

