IGKV में छात्रों का महाआंदोलन, रिजल्ट से ईयर बैक सिस्टम तक उठाए सवाल
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में छात्र-छात्राओं ने परीक्षा मूल्यांकन और शैक्षणिक नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। विद्यार्थी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि उत्तर पुस्तिकाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाए, जरूरत के अनुसार संशोधित परिणाम जारी हों और ईयर बैक सिस्टम को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
छात्रों ने अपनी मांगों में पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को आसान बनाने, ग्रेस मार्क्स बढ़ाने और RTI के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ी जानकारी हासिल करने के नियमों में बदलाव को भी शामिल किया है।
मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर जोर देते हुए निष्पक्ष मूल्यांकन की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा परिणामों की समीक्षा की जानी चाहिए और आवश्यक होने पर संशोधित परिणाम जारी किए जाने चाहिए।
छात्रों ने चार विषयों में पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके साथ ही री-वैल्यूएशन के लिए लगने वाले शुल्क को माफ करने की मांग की गई है, ताकि विद्यार्थी बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करा सकें।
ईयर बैक सिस्टम को पूरी तरह हटाने की मांग
छात्र आंदोलन का एक प्रमुख मुद्दा ईयर बैक सिस्टम है। विद्यार्थियों की मांग है कि विश्वविद्यालय इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करे और भविष्य के लिए स्पष्ट व स्थायी शैक्षणिक नियम निर्धारित करे।
छात्रों का मानना है कि नियमों में स्पष्टता होने से परीक्षा परिणामों के बाद आगे की पढ़ाई को लेकर पैदा होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकेगा।
ग्रेस मार्क्स और RTI नियमों पर भी आपत्ति
विद्यार्थियों ने ग्रेस मार्क्स बढ़ाने की मांग उठाई है। साथ ही RTI के तहत उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले ‘Book Reference’ नियम को खत्म करने की मांग की है।
इन सभी मुद्दों को लेकर छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया और मांगों पर होने वाली कार्रवाई अहम होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या आधिकारिक आश्वासन का विवरण सामने नहीं आया है।

