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केरल चुनाव में करूंगा प्रचार… शशि थरूर बोले- मेरी एक ही पार्टी है कांग्रेस

केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी से नाराजगी और बीजेपी में शामिल होने की अटकलों का खंडन करते हुए साफ किया कि वो आगामी केरल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी कांग्रेस और यूडीएफ की जीत चाहते हैं और खुद भी इसके लिए प्रचार करेंगे.

 

केरल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं. इस बीच तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान सामने आया है. पार्टी से नाराजगी और मतभेद की खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने साफ किया वो आगामी विधानसभा चुनाव में सिर्फ अपनी पार्टी और यूडीएफ की जीत चाहते हैं.

शनिवार (31 जनवरी) को तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा कि वो केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव में सिर्फ अपनी पार्टी कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन की जीत चाहते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वह अपनी पार्टी और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की जीत के लिए प्रचार भी करेंगे.

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने पार्टी से नाराजगी और बीजेपी में शामिल होने को लेकर चल रहीं अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ किया कि उनकी सिर्फ एक ही पार्टी है और वो है कांग्रेस. उन्होंने ये भी कहा कि मीडिया को उनसे बार-बार यह सवाल पूछना बंद कर देना चाहिए.ट

‘मैं केरल में चुनाव प्रचार का हिस्सा बनूंगा’

बीते शुक्रवार को भी थरूर ने साफ किया था कि वो कांग्रेस में ही रहेंगे और किसी और पार्टी में नहीं जाएंगे. उन्होनें साफ शब्दों में कहा है कि वो कांग्रेस पार्टी को छोड़ने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा था ‘मैं (केरल में) चुनाव प्रचार का हिस्सा बनूंगा और यूडीएफ की जीत के लिए काम करूंगा’.

खरगे और राहुल से की मुलाकात

गुरुवार को थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की थी. इस बैठक का मकसद उनके उन गिले-शिकवों को दूर करना था, जो पिछले कुछ समय से केरल कांग्रेस के अंदर उन्हें दरकिनार किए जाने की खबरों के बाद उपजे थे. उन्होंने अपनी शिकायतों के समाधान के लिए पार्टी अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने कहा था ‘सब ठीक है और सब एक साथ हैं’.

गिले- शिकवे हुए दूर

दरअसल काफी समय से ऐसी खबरें आ रहीं थीं कि थरूर कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं और वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. थरूर हाल ही में कोच्चि में एक कार्यक्रम में उनके साथ हुए व्यवहार और केरल में कुछ नेताओं द्वारा उन्हें दरकिनार करने के प्रयासों से नाराज बताए जा रहे थे. हालांकि अब सारे गिले शिकवे दूर हो गए हैं और नेता ने साफ कर दिया है कि वो कांग्रेस छोड़कर नहीं जा रहे हैं. इस बैठक के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों को लेकर जो भी कयास लगाए जा रहे हैं, वो पूरी तरह निराधार हैं.

सत्ता में वापसी की कोशिश में कांग्रेस

यह मुलाकात केरल विधानसभा चुनाव से पहले हुई, जो कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. कांग्रेस पिछले 10 साल से राज्य में विपक्ष में है और इस बार वह जीत हासिल करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है. वहीं केरल में शशि थरूर पार्टी के कद्दावर नेता माने जाते हैं. उनका अपना वरचस्व है, ऐसे में थरूर जैसे बड़े नेता का विधानसभा चुनाव प्रचार में सक्रिय रहना पार्टी के लिए काफी अहमियत रखता है.

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