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CG हाईकोर्ट के आदेश पर भिलाई में अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, गरीबों के लिए बनेगा आवास

भिलाई : भिलाई नगर निगम ने राधिका नगर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध रूप से निर्मित मदरसे को ध्वस्त कर दिया है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, नगर निगम ने जिला प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से यह कदम उठाया। जमींदोज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी व्यापक थी कि स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में आम जनता और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई थी।

उच्च न्यायालय के कड़े रुख और आदेश के बाद हुआ एक्शन

प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उल्हासनगर में आरक्षित इस भूखंड पर लंबे समय से अवैध कब्जा था और एक मदरसे का निर्माण कार्य चल रहा था। भिलाई नगर निगम ने संबंधित पक्षों को अतिक्रमण हटाने के लिए कई नोटिस जारी किए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद यह भूखंड खाली नहीं कर रहा था। सके बाद यह पूरा विवाद बिलासपुर उच्च न्यायालय की चौखट पर पहुंच गया। अदालत में मामले की गहन सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने अवैध निर्माण को हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए, जिसके अनुपालन में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस बल ने यह संयुक्त कार्रवाई की।

कई इलाकों में गरज चुका है निगम का बुलडोजर

भिलाई नगर निगम का अवैध अतिक्रमणों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का लंबा इतिहास रहा है। इससे पहले, निगम ने सुपेला गड़ा चौक और वैशाली नगर की मुख्य सड़कों के किनारे स्थित करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन भू-माफियाओं से मुक्त कराई थी। इसके अलावा, निगम के बुलडोजरों ने नेहरू नगर और भिलाई-3 क्षेत्रों में तालाबों के किनारे और ग्रीन बेल्ट में बनी अवैध व्यावसायिक इमारतों पर भी बुलडोजर चल चुका है।

गरीबों को मिलेगा अपना आशियाना

अवैध मदरसे को जमींदोज करने के बाद, प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के तहत इस खाली जमीन पर गरीबों के लिए बहुमंजिला, स्थायी मकानों का निर्माण तेजी से शुरू किया जाएगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का धार्मिक या व्यावसायिक अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।(एजेंसी)

 

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